मुंबई लोकल में नकली ऐप और एआई से टिकट बनाकर घूम रहे यात्री, टीसी ने रंगे हाथ पकड़ा
Passengers travelling in Mumbai local trains using fake apps and AI for tickets, caught red-handed by TC
आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करना ज्यादा पसंद करते हैं. रेलवे भी समय-समय पर अपने यात्रियों को सलाह देता है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए हमेशा आधिकारिक आईआरसीटीसी की वेबसाइट या फिर रेल कनेक्ट ऐप का ही इस्तेमाल करें. इसके बावजूद आज भी कई लोग हैं, जो इंटरनेट पर मिले किसी भी अनजान लिंक से टिकट बुक कर लेते हैं.
मुंबई : आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करना ज्यादा पसंद करते हैं. रेलवे भी समय-समय पर अपने यात्रियों को सलाह देता है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए हमेशा आधिकारिक आईआरसीटीसी की वेबसाइट या फिर रेल कनेक्ट ऐप का ही इस्तेमाल करें. इसके बावजूद आज भी कई लोग हैं, जो इंटरनेट पर मिले किसी भी अनजान लिंक से टिकट बुक कर लेते हैं.
अगर आप भी ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. हाल ही में एक मामला मुंबई लोकल ट्रेन से सामने आया है, जिसमें एक यात्री फर्जी मोबाइल ऐप से तैयार किए गए टिकट के साथ सफर करता मिला, जिसके बाद टीटीई ने उसे पकड़ लिया.
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, एक यात्री अपनी पत्नी और बेटे के साथ मुंबई एसी लोकल ट्रेन में सफर कर रहा था. वेस्टर्न रेलवे की टिकट चेकिंग के दौरान उसके पास नकली यूटीएस मोबाइल टिकट मिला. जब यात्री ने टीटीई को अपना ई-टिकट दिखाया तो पहले तो उसे यह एक सामान्य ई-टिकट की तरह लगा. लेकिन बाद में टिकट चेकिंग स्टाफ को ऐप का डिजाइन अलग लगा. हालांकि, ऐप को बिल्कुल रेलवन ऐप की तरह ही डिजाइन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद टीटीई को उसमें कुछ गड़बड़ी लगी, जिसके बाद उसने टिकट को अच्छे से चेक किया.
जांच में सामने आई टिकट की असलियत
टिकट पर लिखे यूटीएस नंबर की जांच की गई तो पता चला कि वह नंबर पहले जारी किए गए एक सेकंड क्लास का टिकट था और यात्री एसी लोकल का टिकट दिखा रहा था. जब टीटीई ने टिकट से जुड़े अहम सवाल यात्री से पूछे तो उसने बताया कि यह टिकट उसने यूट्यूब पर शेयर किए गए एक लिंक के जरिए एक मोबाइल ऐप डाउनलोड किया था, जिसकी मदद से उसने नकली डिजिटल टिकट तैयार किया. इस मामले की एफआईआर मुंबई सेंट्रल पुलिस स्टेशन में दर्ज कर दी गई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
टिकट में गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
अगर किसी यात्री के पास फर्जी टिकट या पास मिलता है तो ऐसा करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
फर्जी टिकट मिलने पर यात्री के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है.
जांच के दौरान अगर फर्जी टिकट मिलता है तो 2 से 7 साल तक की जेल हो सकती है.
रेलवे एक्ट की धारा 137 के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
अगर कोई यात्री जुर्माना नहीं भरता है तो उसको जेल की सजा हो सकती है.
इसके साथ ही उस यात्री का यूटीएस अकाउंट सस्पेंड और ब्लॉक किया जा सकता है.


