बांद्रा इलाके से 9 और 7 साल के दो भाई-बहन लापता, पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का मामला
Two siblings aged 9 and 7 go missing from Bandra area, police register kidnapping case
बांद्रा इलाके से दो मासूम भाई-बहन के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद खेरवाड़ी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी बच्चों का पता लगाने में सहयोग की अपील की है।मुंबई पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे बच्चों के अभिभावक जब घर लौटे तो उन्होंने देखा कि 9 वर्षीय और 7 वर्षीय दोनों बच्चे घर पर मौजूद नहीं थे।
मुंबई: बांद्रा इलाके से दो मासूम भाई-बहन के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद खेरवाड़ी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी बच्चों का पता लगाने में सहयोग की अपील की है।मुंबई पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे बच्चों के अभिभावक जब घर लौटे तो उन्होंने देखा कि 9 वर्षीय और 7 वर्षीय दोनों बच्चे घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों को आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इसके बाद उन्होंने तत्काल खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और बच्चों के संभावित आने-जाने के रास्तों की जांच कर रही है। साथ ही इलाके के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि बच्चों के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिल सके।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इन दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले या वे कहीं दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या खेरवाड़ी पुलिस से संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले की जांच खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक मंगेश राडये के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और आम लोगों के सहयोग से जल्द ही बच्चों का पता लगाया जा सकेगा।


