एमआईडीसी पुलिस ने सुलझाया 60 लाख की ज्वेलरी चोरी का फर्जी मामला, कर्मचारी गिरफ्तार
MIDC police solved a fake case of theft of jewellery worth Rs 60 lakh, employee arrested
मुंबई की एमआईडीसी पुलिस ने 60 लाख रुपये से अधिक की ज्वेलरी चोरी के फर्जी मामले को सुलझाते हुए 'गोल्डस्टार' कंपनी के एक कर्मचारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल (60.65 लाख रुपये) सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है।
मुंबई (16 जून 2026): एमआईडीसी पुलिस स्टेशन ने 60,65,656/- रुपये की भारी भरकम ज्वेलरी चोरी के एक सुनियोजित नाटक का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने 'गोल्डस्टार' कंपनी के ही एक कर्मचारी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर 100% संपत्ति बरामद कर ली है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कंचन पवार (46 वर्ष) की शिकायत पर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज किया गया था।
क्या था पूरा मामला?
गोल्डस्टार कंपनी में काम करने वाला 26 वर्षीय कर्मचारी अविनाश गंगाधर कदम डिलीवरी के लिए 60,65,656/- रुपये की ज्वेलरी लेकर जा रहा था। रास्ते में उसने अपनी बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने और सड़क पर गिरकर बेहोश होने का नाटक रचा। इसके बाद उसने कंपनी को झूठी कहानी बताई कि उसकी बेहोशी के दौरान किसी ने सारी ज्वेलरी चुरा ली है।
पुलिस की जांच और पर्दाफाश:
- संदेह का कारण: दुर्घटना का नाटक रचने वाले अविनाश को शरीर पर कोई चोट नहीं आई थी, फिर भी वह जानबूझकर अस्पताल में भर्ती रहने की जिद कर रहा था, जिससे पुलिस को शक हुआ।
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस ने मामले की तहकीकात करते हुए घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
- संदिग्ध की पहचान: फुटेज में घटना से ठीक पहले एक संदिग्ध व्यक्ति मौके पर काफी देर तक घूमता हुआ दिखाई दिया। उसकी पहचान 41 वर्षीय मनोज हनमंत जोगदंड के रूप में हुई।
- जुर्म कबूला: पुलिस ने अविनाश और मनोज को हिरासत में लेकर आमने-सामने बैठाकर कड़ी पूछताछ की। दोनों ने स्वीकार किया कि वे दोस्त हैं और उन्होंने मिलकर इस पूरी चोरी की साजिश रची थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से गबन की गई पूरी 100% संपत्ति (60,65,656/- रुपये) सफलतापूर्वक बरामद कर ली है। यह सफल कार्रवाई पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. मनोजकुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पार पाड़ी गई।


