मुंबई: मराठी साइनबोर्ड न लगाने वाले 1,124 दुकानदारों पर BMC का एक्शन, कार्रवाई का अभियान हुआ तेज
Mumbai: BMC intensifies crackdown on 1,124 shopkeepers for not displaying Marathi signboards
मुंबई में बीएमसी (BMC) ने मराठी साइनबोर्ड (मराठी पाट्या) न लगाने वाले 1,124 दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पिछले एक महीने के भीतर महानगर पालिका का यह अभियान काफी तेज हो गया है। बीएमसी ने स्पष्ट कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार के आदेशों के तहत सभी दुकानों पर देवनागरी लिपि में बड़े अक्षरों में मराठी बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
मुंबई: मुंबई में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर देवनागरी लिपि में मराठी साइनबोर्ड (मराठी पाट्या) लगाने के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। पिछले एक महीने के भीतर बीएमसी ने नियमों की अनदेखी करने वाले 1,124 दुकानदारों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है।
सुप्रीम कोर्ट और सरकार के आदेश का उल्लंघन
राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, शहर के कई दुकानदारों ने अपने साइनबोर्ड नहीं बदले थे। इन निर्देशों के तहत हर छोटी-बड़ी दुकान के बाहर देवनागरी लिपि (मराठी भाषा) में नाम का बोर्ड होना अनिवार्य है, और मराठी अक्षरों का आकार किसी भी अन्य भाषा के अक्षरों से छोटा नहीं होना चाहिए। इस नियम का पालन न होने पर बीएमसी ने वार्ड स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित कर कार्रवाई शुरू की है।
1,124 दुकानों पर गिरी गाज
बीएमसी के अधिकारियों ने पिछले एक महीने में शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि 1,124 प्रतिष्ठानों ने या तो मराठी में साइनबोर्ड लगाए ही नहीं थे, या उनके बोर्ड निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इन सभी दुकानदारों के खिलाफ महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
जुर्माना और कानूनी नोटिस
बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूला जा रहा है। प्रति कर्मचारी के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान तय किया गया है, जिससे दुकानदारों पर भारी आर्थिक दंड लग सकता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
महानगर पालिका ने कड़ी चेतावनी दी है कि यह अभियान यही नहीं रुकेगा। जो दुकानदार अभी भी सोच रहे हैं कि वे बिना मराठी बोर्ड के बच जाएंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। बीएमसी ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माने से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने साइनबोर्ड को निर्धारित नियमों के अनुसार बदल लें।


