मुंबई में अल्पसंख्यक संगठनों की बैठक, एंटी-कन्वर्जन कानून, UCC और ‘बुलडोजर न्याय’ पर जताई चिंता
Minority organisations meet in Mumbai, express concern over anti-conversion law, UCC and 'bulldozer justice'
मुंबई में अल्पसंख्यक समुदायों और सामाजिक संगठनों की बैठक में एंटी-कन्वर्जन कानून, UCC और कथित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चिंता जताई गई। प्रतिभागियों ने संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग की। #MumbaiNews #UCC #AntiConversionLaw #MaharashtraNews #MinorityGroups #PoliticalNews #BreakingNews
मुंबई में विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित एंटी-कन्वर्जन कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और कथित ‘बुलडोजर न्याय’ जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए और सरकार से इन विषयों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
बैठक में शामिल वक्ताओं का कहना था कि महाराष्ट्र में हाल ही में पारित धर्म परिवर्तन विरोधी कानून के कुछ प्रावधानों को लेकर अल्पसंख्यक समुदायों के बीच आशंकाएं हैं। उनका तर्क है कि ऐसे कानूनों के दुरुपयोग की संभावना को लेकर पहले से विभिन्न याचिकाएं और कानूनी चुनौतियां भी सामने आ चुकी हैं।
बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी चर्चा हुई। कुछ प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को ध्यान में रखते हुए किसी भी बड़े कानूनी बदलाव से पहले व्यापक संवाद और परामर्श आवश्यक है।
प्रतिभागियों ने कथित ‘बुलडोजर कार्रवाई’ और भीड़ हिंसा से जुड़े मामलों पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कानून के शासन और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा किसी भी कार्रवाई में न्यायिक प्रक्रिया को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
बैठक में मुस्लिम, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कई वक्ताओं ने संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। साथ ही सरकार से संवाद के माध्यम से विवादित मुद्दों का समाधान निकालने की अपील की गई।
बैठक के अंत में पारित प्रस्तावों में संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने की मांग शामिल रही।


