छात्र आंदोलन के बहाने MVA को मिली नई सियासी संजीवनी; 23 जुलाई को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान
Student protests provide MVA with new political lifeline; call for 'Maharashtra Bandh' on July 23
By: Rokthok Lekhani
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नीट (NEET) धांधली और दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान किया है। इस मुद्दे ने महा विकास आघाड़ी (MVA) सहित विपक्ष को राज्य में एकजुट होकर सरकार का घेराव करने की नई राजनीतिक जमीन दे दी है।
मुंबई: NEET-UG परीक्षा विवाद, सोनम वांगचुक के अनशन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के दिल्ली में हुए संसद मार्च के बाद अब इस मुद्दे ने महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। महा विकास अघाड़ी (MVA) — जिसमें शिवसेना (UBT), एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस शामिल हैं — ने छात्रों के समर्थन में 23 जुलाई 2026 को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान किया है।
प्रमुख राजनीतिक बिंदु
- MVA का शक्ति प्रदर्शन: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET विवाद और युवाओं के आक्रोश ने MVA को राज्य में सत्तारूढ़ महायुति सरकार के खिलाफ एक बड़ा और प्रभावी मुद्दा थमा दिया है, जिससे विपक्ष को नई राजनीतिक संजीवनी मिलती दिख रही है।
- 23 जुलाई बंद का आह्वान: उद्धव ठाकरे, शरद पवार और कांग्रेस नेतृत्व ने संयुक्त रूप से ऐलान किया है कि 23 जुलाई को राज्यभर में शांतिपूर्ण 'महाराष्ट्र बंद' रखा जाएगा। इसका उद्देश्य NEET परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई/न्यायिक जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बल देना है।
- सड़कों पर उतरने की तैयारी: महा विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न छात्र संगठनों को भी इस बंद में शामिल होने की अपील की गई है। मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक जैसे प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।
प्रशासन और सुरक्षा की स्थिति
- मुंबई में पुलिस अलर्ट: जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है, मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक शहर में निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू कर दी है। ऐसे में 'महाराष्ट्र बंद' के दौरान 5 से अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने और बिना अनुमति रैलियां निकालने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
- आवश्यक सेवाएं बहाल रहेंगी: MVA नेताओं ने दावा किया है कि बंद के दौरान दूध आपूर्ति, मेडिकल स्टोर, अस्पताल और एम्बुलेंस जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा।


