कल्याण न्यायालय का बड़ा फैसला: डोंबिवली अस्पताल मारहाण मामले में शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे को जमानत मिली
Kalyan Court issues major verdict: Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre granted bail in Dombivali hospital marahan case
By: Rokthok Lekhani
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- न्यायालय का आदेश: रमेश म्हात्रे को 50,000 रुपये के नकद मुचलके पर सशर्त जमानत मिली।
- मुख्य कारण: वकील द्वारा स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देना।
- मामला: 6 जुलाई 2026 को शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट।
- परिणाम: यह मामला महाराष्ट्र में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
कल्याण: डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को कल्याण अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 50,000 रुपये के नकद मुचलके (cash bond) पर जमानत दे दी है।
मामले की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम:
- घटना का विवरण: 6 जुलाई 2026 को, एक गर्भवती महिला के इलाज के दौरान हुए विवाद के बाद रमेश म्हात्रे और उनके सहयोगियों पर अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद स्वास्थ्य जगत में काफी आक्रोश फैल गया था।
- कानूनी कार्रवाई: इस मामले में विष्णु नगर पुलिस स्टेशन में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) और 'महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्ति और संस्थान (हिंसा या संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) अधिनियम' के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- गिरफ्तारी और जमानत: 8 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद, म्हात्रे को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। अदालत ने उन्हें पहले न्यायिक हिरासत में भेजा था, लेकिन म्हात्रे के वकीलों ने उनकी खराब स्वास्थ्य स्थिति (एक किडनी पर जीवन और उच्च रक्तचाप) का हवाला देते हुए जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
डॉक्टरों का विरोध:
इस घटना के बाद स्थानीय डॉक्टरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया था और कुछ डॉक्टरों ने सुरक्षा के मुद्दे पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी थी, जिससे यह मामला राज्य भर में चर्चा का विषय बन गया था।
अदालत के इस फैसले के बाद अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि स्वास्थ्य संगठनों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर अपनी मांगें जारी रखने का संकल्प लिया है।


