डोंबिवली अस्पताल हमला: शिव सेना पार्षद रमेश म्हात्रे गिरफ्तार, गिरफ्तारी के बाद सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती
Dombivli hospital attack: Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre arrested; admitted to hospital after complaining of chest pain following the arrest.
- मुख्य घटना: शास्त्री नगर अस्पताल (डोंबिवली) में NICU बेड की कमी को लेकर डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट।
- आरोपी: शिव सेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगी गिरफ्तार।
- वर्तमान स्थिति: गिरफ्तारी के तुरंत बाद आरोपी पार्षद को स्वास्थ्य कारणों (सीने में दर्द) से ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- विरोध: घटना के विरोध में मेडिकल बिरादरी ने हड़ताल की, जिसे अब प्रशासन द्वारा सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद वापस ले लिया गया है।
डोंबिवली/ठाणे: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के मुख्य आरोपी और शिव सेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद से ही मेडिकल बिरादरी में भारी आक्रोश था और राज्य भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
क्या है मामला?
सोमवार (6 जुलाई) की रात शास्त्री नगर अस्पताल में एक नवजात शिशु को भर्ती कराने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि नवजात के गले में गर्भनाल लिपटी थी और उसे विशेष देखभाल की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल का एनआईसीयू (NICU) फुल था। जब डॉक्टरों ने नवजात को किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी, तो मरीज के परिजन उग्र हो गए और उन्होंने पार्षद रमेश म्हात्रे को वहां बुला लिया।
आरोप है कि पार्षद ने अपने साथियों के साथ अस्पताल में घुसकर दो स्त्री रोग विशेषज्ञों (Dr. Srishti Baviskar और Dr. Vaibhav Salunkhe) के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की। घटना के दौरान बचाव करने आई दो नर्सों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।
गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में भर्ती
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद, 72 वर्षीय पार्षद रमेश म्हात्रे ने सीने में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत की। इसके बाद पुलिस हिरासत से उन्हें तुरंत ठाणे सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने म्हात्रे के अलावा उनके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।
पार्टी और मेडिकल बिरादरी की प्रतिक्रिया
घटना के बाद से ही शिव सेना ने पार्षद की इस हरकत से खुद को दूर कर लिया है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद से ही IMA और रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया था, जिसके बाद सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं प्रभावित रहीं। डॉक्टरों की प्रमुख मांग अस्पतालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 'डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट' का सख्ती से पालन करना है।


