मुंबई में पटरी पर लौटी जिंदगी: रत्नागिरी का हाल बेहाल, महाराष्ट्र में 24 घंटे में बारिश ने मचाया कहर
Life returns to normal in Mumbai; Ratnagiri in dire straits, Maharashtra devastated by rain in 24 hours
मुंबई में लगातार दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मंगलवार को मौसम ने कुछ राहत दी। बारिश कम होने से शहर में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा और लोकल ट्रेन सेवाएं भी अधिकांश मार्गों पर फिर से शुरू कर दी गईं। हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का असर अब भी जारी है। पालघर जिले में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में पिछले एक सप्ताह में 10 लोगों की मौत हुई है। रत्नागिरी जिले के खेड तहसील के दहिवली क्षेत्र में सोमवार रात भारी बारिश के कारण बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें पांच मकान मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल ने एक 75 वर्षीय महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मुंबई : मुंबई में लगातार दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मंगलवार को मौसम ने कुछ राहत दी। बारिश कम होने से शहर में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा और लोकल ट्रेन सेवाएं भी अधिकांश मार्गों पर फिर से शुरू कर दी गईं। हालांकि, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का असर अब भी जारी है। पालघर जिले में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में पिछले एक सप्ताह में 10 लोगों की मौत हुई है। रत्नागिरी जिले के खेड तहसील के दहिवली क्षेत्र में सोमवार रात भारी बारिश के कारण बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें पांच मकान मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव दल ने एक 75 वर्षीय महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मुंबई में तेज बारिश और हवाओं के बीच पिछले 24 घंटों में दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। वहीं अंधेरी क्षेत्र में सीमेंट की चादर गिरने से दो महिलाएं घायल हो गईं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, शहर में 428 स्थानों पर पेड़ या शाखाएं गिरने और 28 स्थानों पर दीवार या मकान क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं दर्ज की गईं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए आरेंज अलर्ट जारी करते हुए अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। एहतियात के तौर पर मंगलवार को मुंबई के सभी स्कूल और कालेज बंद रखे गए।
मिसिंग लिंक' बाईपास पर यातायात दोबारा शुरू
मुंबई-पुणे रेल मार्ग के भोर घाट खंड में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त रेलवे लाइन की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है। रेल लाइन खराब होने के कारण 14 ट्रेनें रद करनी पड़ीं, जबकि कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया या उन्हें आंशिक रूप से रद किया गया। वहीं मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' बाईपास पर यातायात दोबारा शुरू कर दिया गया है। पुणे जिले में पिछले दो दिनों में 22 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं। लोनावला में 24 घंटे के दौरान 670 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई।
इंद्रायणी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण पंढरपुर जा रहे वारकरी श्रद्धालुओं से आलंदी मार्ग से बचने की अपील की गई है। इस बीच नासिक, त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी में भी भारी बारिश से गोदावरी नदी उफान पर है। राज्य में लगातार हो रही बारिश और जनहानि को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने चर्चा की मांग भी उठाई है।
छह दिनों में इतनी बारिश, जितनी कुछ शहरों में होती है सालभर में
मुंबई में जुलाई के पहले छह दिनों के दौरान हुई बारिश ने कई बड़े शहरों की पूरे वर्ष की औसत वर्षा को पीछे छोड़ दिया है। आइएमडी के आंकड़ों के अनुसार, एक से छह जुलाई 2026 के बीच दक्षिण मुंबई स्थित कोलाबा में 882.6 मिमी और उपनगर सांताक्रूज में 988.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तुलना करें तो पुणे में पूरे मानसून के दौरान औसतन 720 मिमी बारिश होती है।
वहीं, बेंगलुरु में सालाना औसत वर्षा लगभग 970 मिमी और दिल्ली में करीब 800 मिमी रहती है। हालांकि, तटीय शहर होने के कारण मुंबई में वार्षिक औसत वर्षा लगभग 2,400 मिमी दर्ज की जाती है। आइएमडी के अनुसार, जुलाई के पहले छह दिनों में ही मुंबई ने इस महीने की औसत वर्षा का 100 प्रतिशत से अधिक रिकार्ड कर लिया। कोलाबा में जुलाई की औसत बारिश का 110 प्रतिशत और सांताक्रूज में 104 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई।


