मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भारी लैंडस्लाइड: खंडाला के पास 'मिसिंग लिंक' टनल प्रभावित, मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद
Massive landslide on Mumbai-Pune Expressway: 'Missing Link' tunnel near Khandala affected; Mumbai-bound lanes completely closed.
भारी बारिश के चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला के पास 'मिसिंग लिंक' टनल के नजदीक एक बड़ा लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है। सुरक्षा कारणों से पुणे से मुंबई आने वाली लेन को बंद कर दिया गया है और मलबे को हटाने का काम जारी है। हाईवे पुलिस ने यात्रियों को एक्सप्रेसवे के बजाय पुराने मुंबई-पुणे हाईवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुंबई/खंडाला: महाराष्ट्र में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे (Mumbai-Pune Expressway) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। खंडाला के पास एक्सप्रेसवे के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'मिसिंग लिंक' टनल (Missing Link Tunnel) के पास एक भीषण भूस्खलन (Landslide) हुआ है। इस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से मुंबई की ओर जाने वाली लेन को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
घाट सेक्शन में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहकर टनल के मुहाने और सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस भूस्खलन की चपेट में कोई वाहन नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस, आईआरबी (IRB) और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) की टीमें राहत और मलबे को हटाने के काम में जुट गई हैं।
यातायात ठप, पुराना हाईवे इस्तेमाल करने की सलाह
एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने और मुंबई-बाउंड लेन के बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ट्रैफिक पुलिस ने पुणे से मुंबई की ओर आने वाले वाहनों को एहतियातन रोक दिया है और कुछ हल्के वाहनों को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे (NH-48) की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
हाईवे अथॉरिटी की चेतावनी: "खंडाला और लोनावला के पहाड़ी इलाकों में विजिबिलिटी बहुत कम है और लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। जब तक एक्सप्रेसवे से मलबा पूरी तरह हटा नहीं लिया जाता, तब तक चालक इस मार्ग पर यात्रा करने से बचें या बेहद जरूरी होने पर ही पुराने हाईवे का उपयोग करें।"
क्या है 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खापोली से कुसगांव के बीच के संकरे और खतरनाक घाट सेक्शन को बाईपास करने के लिए इस 'मिसिंग लिंक' (Missing Link) परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत एशिया की सबसे चौड़ी टनल (सुरंग) बनाई जा रही है, ताकि यात्रा का समय 20 से 25 मिनट कम हो सके और हादसों पर रोक लगाई जा सके। हालांकि, मानसून की पहली भारी बारिश ने इस निर्माणाधीन और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
भारी मशीनों और पोकलेन की मदद से बोल्डर और कीचड़ को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आ रही है।


