मुंबई : 4.12 करोड़ की दवाएं जब्त, एफडीए ने अवैध कारोबार का किया भंडाफोड़
Mumbai: Medicines worth Rs 4.12 crore seized, FDA busts illegal trade
अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अवैध दवा कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में 34 ठिकानों पर छापा मार कर 4.12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा सामग्री जब्त की गई है। जांचे गए 587 नमूनों में 35 दवाएं व उत्पाद अमानक पाए गए, जिन्हें तत्काल बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। नौ एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुंबई: अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अवैध दवा कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। राज्यभर में 34 ठिकानों पर छापा मार कर 4.12 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा सामग्री जब्त की गई है। जांचे गए 587 नमूनों में 35 दवाएं व उत्पाद अमानक पाए गए, जिन्हें तत्काल बाजार से रिकॉल करने के निर्देश दिए गए हैं। नौ एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एफडीए के अनुसार पिछले जून महीने में चलाए गए अभियान के दौरान आपत्तिजनक दवा विज्ञापनों के खिलाफ आठ स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 2.27 लाख रुपए मूल्य की दवाएं जब्त की गई हैं।
बिना लाइसेंस दवाओं और प्रसाधन सामग्री के निर्माण व बिक्री के 15 मामलों में 2.32 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया है। चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 के तहत एक कार्रवाई में 1.26 करोड़ रुपए मूल्य की चिकित्सा सामग्री के भंडार पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं गलत लेबल वाली प्रसाधन सामग्री और दवाओं के तीन मामलों में छापेमारी कर 33.26 लाख रुपए मूल्य का स्टॉक जब्त किया गया है।
दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी के लिए मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित सरकारी औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जून के दौरान 587 नमूनों की जांच की गई। इनमें 552 नमूने मानक गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 35 नमूनों को अमानक गुणवत्ता का घोषित किया गया है। इन उत्पादों में एलोपैथिक दवाएं, आयुर्वेदिक औषधियां, प्रसाधन सामग्री और चिकित्सा उपयोग के उत्पाद शामिल हैं।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के अनुसार लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नकली दवाओं, बिना लाइसेंस निर्माण-बिक्री, भ्रामक विज्ञापनों, चिकित्सा उपकरण नियमों के उल्लंघन और मादक दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ पूरे राज्य में अभियान जारी रहेगा। अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। संदिग्ध दवा, चिकित्सा उपकरण या अवैध बिक्री की जानकारी नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर दे सकते हैं।


