मुंबई: महाराष्ट्र सरकार की बड़ी पहल, रेत पर जीरो रॉयल्टी पॉलिसी की घोषणा जल्द
Mumbai: Maharashtra government's big initiative, zero royalty policy on sand to be announced soon
सरकार ने राज्य में निर्माण कार्यों और सरकारी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए रेत आपूर्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण नीति लाने की घोषणा की है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को विधान परिषद में बताया कि पड़ोसी राज्यों से मंगाई जाने वाली रेत पर जीरो रॉयल्टी पॉलिसी लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य में रेत की कमी को दूर करना और निर्माण क्षेत्र को समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। लगातार बढ़ती मांग और आपूर्ति में बाधा के कारण कई विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही थी, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मुंबई: सरकार ने राज्य में निर्माण कार्यों और सरकारी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए रेत आपूर्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण नीति लाने की घोषणा की है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को विधान परिषद में बताया कि पड़ोसी राज्यों से मंगाई जाने वाली रेत पर जीरो रॉयल्टी पॉलिसी लागू की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राज्य में रेत की कमी को दूर करना और निर्माण क्षेत्र को समय पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। लगातार बढ़ती मांग और आपूर्ति में बाधा के कारण कई विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही थी, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मंत्री बावनकुले ने बताया कि इस नीति की औपचारिक घोषणा मौजूदा विधानसभा सत्र समाप्त होने से पहले कर दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। यह बयान उस समय आया जब एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने नंदुरबार जिले में रेत की गंभीर कमी का मुद्दा विधान परिषद में उठाया था। उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मंत्री ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही सरकार ने नंदुरबार में तापी नदी से रेत निकालने के लिए सक्शन पंप तकनीक के उपयोग की अनुमति देने का भी प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है। यह मॉडल पहले कोंकण क्षेत्र में अपनाया जा चुका है और अब इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेत खनन की अनुमति केवल पर्यावरण विभाग द्वारा तय की गई सीमाओं के भीतर ही दी जाएगी। पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया नियंत्रित तरीके से संचालित की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि रेत आपूर्ति में स्थिरता आने से न केवल निर्माण कार्यों को गति मिलेगी, बल्कि सरकारी योजनाओं और आवास परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि रेत की कमी पिछले कुछ समय से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसके कारण कई परियोजनाओं की लागत और समय दोनों पर असर पड़ा है। ऐसे में जीरो रॉयल्टी पॉलिसी को एक राहतकारी कदम माना जा रहा है। फिलहाल सरकार नीति के अंतिम प्रारूप पर काम कर रही है और जल्द ही इसे लागू करने की दिशा में औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।


