CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप: प्रदर्शनकारियों से मारपीट और छत्रपति शिवाजी महाराज व भगत सिंह की किताबें फेंकने का दावा

CJP founder Abhijit Dipke levels serious allegations against Delhi Police: Claims protesters were assaulted and books on Chhatrapati Shivaji Maharaj and Bhagat Singh were thrown away.

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप: प्रदर्शनकारियों से मारपीट और छत्रपति शिवाजी महाराज व भगत सिंह की किताबें फेंकने का दावा

​दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर छात्रों के साथ मारपीट करने और प्रदर्शन स्थल पर बनी लाइब्रेरी से छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह की किताबें फेंकने का आरोप लगाया है। दिपके ने इसके लिए जिम्मेदार एसीपी अजय शर्मा को निलंबित करने की मांग की है। इस घटना पर राकांपा (शरद गुट) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महाराष्ट्र के आराध्य देव का अपमान बताया है, जबकि दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने और विरोध स्थल पर बनाई गई लाइब्रेरी से महापुरुषों की किताबें फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है।

​अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आरोप लगाया कि एसीपी (ACP) अजय शर्मा और उनकी टीम ने जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा स्थापित की गई लाइब्रेरी को हटा दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने 'छत्रपति शिवाजी महाराज और शहीद भगत सिंह' पर लिखी किताबों को फेंक दिया और विरोध कर रहे छात्रों के साथ मारपीट भी की। दिपके ने छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह का अपमान करने के आरोप में एसीपी अजय शर्मा को तुरंत निलंबित करने की मांग की है। पुलिस द्वारा फेंकी गई किताबों में गोविंद पानसरे द्वारा लिखित प्रसिद्ध पुस्तक "शिवाजी कोण होता" (शिवाजी कौन थे) भी शामिल बताई जा रही है।

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राजनीतिक गरमाई, राकांपा (शरद पवार) ने साधा निशाना

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इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल आ गया है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (NCP-SCP) के प्रवक्ता ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए सवाल किया, "दिल्ली में छत्रपति शिवाजी महाराज का यह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या महाराष्ट्र के आराध्य दैवत के लिए आपके मन में यही सम्मान है?" इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की है।

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​गौरतलब है कि इस प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसमें CJP की प्रवक्ता विजेता दहिया मंच पर "साड्डा हक, एत्थे रख" गाना गाते और थिरकते हुए नजर आ रही थीं। इस पूरे मामले और मारपीट के आरोपों पर फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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​हिंदी संक्षिप्त विवरण (Hindi Short Note)

​दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर छात्रों के साथ मारपीट करने और प्रदर्शन स्थल पर बनी लाइब्रेरी से छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह की किताबें फेंकने का आरोप लगाया है। दिपके ने इसके लिए जिम्मेदार एसीपी अजय शर्मा को निलंबित करने की मांग की है। इस घटना पर राकांपा (शरद गुट) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महाराष्ट्र के आराध्य देव का अपमान बताया है, जबकि दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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