नासिक में नकली नोट छापने वाले रैकेट का भंडाफोड़, बंगले से लाखों के जाली नोट बरामद
Fake currency printing racket busted in Nashik, fake notes worth lakhs recovered from bungalow
महाराष्ट्र के नासिक जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव गांव में एक बंगले से चल रहे नकली नोट छापने के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बंगले के अंदर ही नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। यहां नोटों की छपाई से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में नकली नोटों के अलावा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है।
नासिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव गांव में एक बंगले से चल रहे नकली नोट छापने के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बंगले के अंदर ही नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। यहां नोटों की छपाई से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में नकली नोटों के अलावा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार, पुलिस को नकली नोटों के कारोबार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इसके बाद नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। टीम ने त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव स्थित उस बंगले पर छापा मारा, जहां नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकली भारतीय नोट मिले। इसके अलावा नोटों की छपाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे प्रिंटर, कागज, स्याही और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली मुद्रा देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होती है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोटों की गुणवत्ता और मात्रा कितनी थी।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट में कितने लोग शामिल थे और नकली नोटों को बाजार में खपाने के लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नकली नोटों के कारोबार में अक्सर कई स्तरों पर लोग जुड़े होते हैं। इसमें नोट तैयार करने वाले लोगों से लेकर उन्हें बाजार में चलाने वाले नेटवर्क तक शामिल हो सकते हैं। इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
नासिक पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध नोट या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। नकली नोटों के मामलों में जांच के दौरान यह भी देखा जाता है कि आरोपियों ने कौन-कौन से सुरक्षा फीचर्स की नकल करने की कोशिश की। पुलिस बरामद नोटों और उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है।
इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि देश की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। नकली मुद्रा तैयार करने और फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


