दुबई : भारतीय कैप्टन ने ऐसे बचाई 174 लोगों की जान... इजरायल ने क्यों भेजे फाइटर जेट?
Dubai: How the Indian captain saved the lives of 174 people... Why did Israel send fighter jets?
इजरायली राजदूत रूवेन अज़ार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की खास तौर पर तारीफ की. उनके मुताबिक, घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने और कथित हमलावर को काबू करने का मौका मिला. अज़ार के अनुसार, तीन इजरायली यात्री कॉकपिट की तरफ पहुंचे और उन्होंने स्थिति संभालने में मदद की. विमान में मौजूद दूसरे पायलटों और क्रू ने भी विमान का नियंत्रण वापस लेने में मदद की. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को हवा में बड़ा संकट खड़ा हो गया. इजरायल के राजदूत रूवेन अज़ार ने गुरुवार (1 अक्तूबर 2026) को बताया कि विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने के बाद इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स हवा में भेज दिए थे.
हालांकि, इन लड़ाकू विमानों को कोई कार्रवाई नहीं करनी पड़ी, क्योंकि विमान के क्रू और यात्रियों ने स्थिति पर काबू पा लिया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया. इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, विमान में मौजूद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि एक पायलट ने दूसरे पायलट पर हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की.
रिपोर्टों के अनुसार, विमान करीब 33,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे आया. इसके बाद विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया. फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि FZ1073 ने 30 सितंबर को दुबई से उड़ान भरी थी और रास्ते में एक घटना के बाद तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की. कंपनी के मुताबिक सभी यात्री सुरक्षित थे.
इजरायली राजदूत रूवेन अज़ार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की खास तौर पर तारीफ की. उनके मुताबिक, घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की. इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचने और कथित हमलावर को काबू करने का मौका मिला. अज़ार के अनुसार, तीन इजरायली यात्री कॉकपिट की तरफ पहुंचे और उन्होंने स्थिति संभालने में मदद की. विमान में मौजूद दूसरे पायलटों और क्रू ने भी विमान का नियंत्रण वापस लेने में मदद की. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया.
राजदूत अज़ार ने बताया कि विमान से इमरजेंसी सिग्नल मिलने के बाद इजरायल के सिविल एविएशन अधिकारियों, एयरफोर्स और राजनीतिक नेतृत्व को तुरंत अलर्ट किया गया. उनके मुताबिक, इजरायल का क्षेत्र छोटा है और किसी विमान के बहुत कम समय में उसके इलाके तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थिति को संभावित खतरे के तौर पर देखा गया. इसी वजह से फाइटर जेट्स को हवा में भेजा गया. अज़ार ने कहा कि अगर यात्रियों और क्रू ने विमान पर दोबारा नियंत्रण नहीं पाया होता, तो ऐसी स्थिति बन सकती थी जिसमें इजरायली प्रधानमंत्री को आगे की कार्रवाई पर फैसला लेना पड़ता. उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाया जाता.
रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे. विमान के सुरक्षित लैंड करने के बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया. घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर घायल हो गए थे. विमान में मौजूद एक इजरायली डॉक्टर ने शुरुआत में उनकी मदद की. तबुक में लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. भारतीय दूतावास ने बताया कि मच्छर का इलाज तबुक के अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है.


