महाराष्ट्र : सूखे पर घमासान... उद्धव ठाकरे ने सीएम फडणवीस की डिमांड पर दिखाए तेवर
Maharashtra: Row over drought... Uddhav Thackeray takes a tough stance on CM Fadnavis's demand.
पार्टी ने सरकार के इस दृष्टिकोण को ‘खाली जेबों से सिक्के बटोरने’ जैसा बताया. संपादकीय में कहा गया कि राज्य के किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं और उन्हें तत्काल प्रत्यक्ष सरकारी सहायता की जरूरत है. शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि मराठवाड़ा और अन्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. राज्य सरकार ने हाल में 358 में से 265 तालुकाओं में सूखे जैसी स्थिति घोषित की है. इन क्षेत्रों में फसल नुकसान के आकलन और राहत उपायों की प्रक्रिया शुरू की गई है.
महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से लोगों से निजी समारोहों पर खर्च कम कर बची राशि सूखा राहत के लिए देने की अपील पर शिवसेना (यूबीटी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि आर्थिक दबाव झेल रही जनता से आपदा प्रबंधन के लिए धन जुटाने की अपील करना उचित नहीं है.
पार्टी ने सरकार के इस दृष्टिकोण को ‘खाली जेबों से सिक्के बटोरने’ जैसा बताया. संपादकीय में कहा गया कि राज्य के किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं और उन्हें तत्काल प्रत्यक्ष सरकारी सहायता की जरूरत है. शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया कि मराठवाड़ा और अन्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. राज्य सरकार ने हाल में 358 में से 265 तालुकाओं में सूखे जैसी स्थिति घोषित की है. इन क्षेत्रों में फसल नुकसान के आकलन और राहत उपायों की प्रक्रिया शुरू की गई है.
‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया कि आम नागरिक पहले से ही महंगाई और आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं. ऐसे में उनसे शादी, नामकरण जैसे पारिवारिक कार्यक्रमों का खर्च घटाकर पैसा राहत कोष में देने को कहना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है. पार्टी ने मुख्यमंत्री से कथित भ्रष्टाचार, कमीशन और ठेकेदारी व्यवस्था में होने वाली वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई करने की मांग की.


