ठाणे : कल्याण क्राइम ब्रांच ने राजकोट जा रही अवैध शराब की खेप पकड़ी...
Thane: The Kalyan Crime Branch intercepted a consignment of illicit liquor bound for Rajkot...
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एस. चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट साफ्टवेयर में बदलाव करने की मांग की है, ताकि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सूची में गड़बड़ियों से जुड़े मामले में अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकें। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग को 24 सितंबर को भेजे पत्र में यह अनुरोध किया है कि ऐसे मामलों में चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को सुनवाई के बाद अंतिम फैसला लेने का अधिक अधिकार दिया जाए।
ठाणे : महाराष्ट्र पुलिस की कल्याण क्राइम ब्रांच ने गुजरात के राजकोट में बिक्री के लिए ले जाई जा रही अवैध शराब की संदिग्ध खेप को पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि टीम ने ठाणे जिले के डोंबिवली पूर्व में 7.22 लाख रुपए की शराब जब्त की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से रखी गई शराब की बड़ी मात्रा की सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच की एक टीम ने डोंबिवली पूर्व के खंबालपाडा इलाके में शेलार मैदान के पास एक टिन के शेड पर छापा मारा।
अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने विभिन्न ब्रांडों की 7,920 सीलबंद शराब की बोतलें बरामद कीं, जिनकी कुल कीमत 7,22,700 रुपए है। टीम ने परिसर से 19 प्लास्टिक पाइप भी जब्त किए। प्रारंभिक जांच के अनुसार, शराब कथित तौर पर दीव-दमन क्षेत्र से लाई गई थी और गुजरात के राजकोट में बिक्री के लिए ले जाने से पहले शेड में रखी जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय हिरेन शंकरभाई बक्कर उर्फ भानुशाली, 40 वर्षीय मनीष पुरूषोत्तमभाई धुकर और 22 वर्षीय विपुल रामकृष्ण शुक्ला के रूप में हुई है।
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एस. चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग से ईसीआईनेट साफ्टवेयर में बदलाव करने की मांग की है, ताकि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सूची में गड़बड़ियों से जुड़े मामले में अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकें। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी चोकलिंगम ने निर्वाचन आयोग को 24 सितंबर को भेजे पत्र में यह अनुरोध किया है कि ऐसे मामलों में चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को सुनवाई के बाद अंतिम फैसला लेने का अधिक अधिकार दिया जाए।
एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने चोकलिंगम का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। अधिकारी के मुताबिक सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अक्सर आयोग को अपने सुझाव भेजते रहते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। अधिकारी ने कहा कि सॉफ्टवेयर हमेंशा केंद्रीयकृत होता है और वहीं से नोटिस भेजे जाते हैं। चोकलिंगम ने अनुरोध किया था कि ईआरओ को किसी गड़बड़ी से जुड़े नोटिस पर फैसला लेने की शक्ति दी जाए। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिय के दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 12 अक्तूबर कर दी है।


