दिल्ली जल बोर्ड का मेगा प्लान... 17,970 करोड़ की सीवर सुधार योजना को मंजूरी, लागू होगा 'वन जोन-वन ऑपरेटर' मॉडल
Delhi Jal Board's mega plan... 17,970 crore sewer improvement scheme approved; 'One Zone-One Operator' model to be implemented.
दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ एवं मीटरिंग) विनियम, 2026 को भी मंजूरी दी है. यह 2012 के नियमों की जगह लेगा. नई व्यवस्था में कनेक्शन प्रक्रिया सरल करने, शुल्क को तर्कसंगत बनाने, बिलिंग को स्पष्ट करने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव है. बोर्ड ने 25 वाटर इमरजेंसी सेंटरों के पुनर्निर्माण के लिए 65.49 करोड़ की मंजूरी दी है. बोर्ड के एक अहम फैसले के मुताबिक, तकनीकी रूप से संभव होने और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर भवन की ऊंचाई की परवाह किए बिना व्यक्तिगत जल कनेक्शन दिया जा सकेगा. हालांकि उपभोक्ताओं को 17.5 मीटर की ऊंचाई से नीचे या निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था करनी होगी.
दिल्ली : दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी दिल्ली की सीवर और जलापूर्ति व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में कई अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है. बोर्ड ने सीवर नेटवर्क के व्यापक सुधार के लिए 17,969.93 करोड़ की 10 वर्षीय योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इसके तहत दिल्ली को आठ जोन में बांटकर ‘वन जोन-वन ऑपरेटर’ व्यवस्था लागू की जाएगी और प्रत्येक जोन में एक ऑपरेटर को पूरे सीवर नेटवर्क की जिम्मेदारी दी जाएगी.
इस व्यवस्था के तहत सीवर लाइनों, मैनहोल, पंपिंग स्टेशनों के रखरखाव और शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी की होगी. जियो-टैग्ड निरीक्षण और केंद्रीय कमांड सेंटर के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. साथ ही 100 फीसदी मैकेनिकल और रोबोटिक सीवर सफाई का प्रावधान रखा गया है.
भुगतान को ऑपरेटर के प्रदर्शन से जोड़ने का भी फैसला किया गया है, ताकि सीवर ओवरफ्लो और शिकायतों के समाधान में तेजी लाई जा सके. फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड 68 विधानसभा क्षेत्रों में 11,212 किलोमीटर सीवर लाइन, 6.68 लाख मैनहोल और 145 पंपिंग स्टेशनों का रखरखाव करता है.
दिल्ली जल बोर्ड ने दक्षिण दिल्ली की जलापूर्ति व्यवस्था के कायाकल्प के लिए 6,044.05 करोड़ की परियोजना को भी मंजूरी दी है. यह परियोजना 247 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, 13 UGR कमांड एरिया, 12 विधानसभा क्षेत्रों और 2,44,381 घरेलू उपभोक्ताओं को कवर करेगी.
दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ एवं मीटरिंग) विनियम, 2026 को भी मंजूरी दी है. यह 2012 के नियमों की जगह लेगा. नई व्यवस्था में कनेक्शन प्रक्रिया सरल करने, शुल्क को तर्कसंगत बनाने, बिलिंग को स्पष्ट करने और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने का प्रस्ताव है. बोर्ड ने 25 वाटर इमरजेंसी सेंटरों के पुनर्निर्माण के लिए 65.49 करोड़ की मंजूरी दी है.
बोर्ड के एक अहम फैसले के मुताबिक, तकनीकी रूप से संभव होने और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर भवन की ऊंचाई की परवाह किए बिना व्यक्तिगत जल कनेक्शन दिया जा सकेगा. हालांकि उपभोक्ताओं को 17.5 मीटर की ऊंचाई से नीचे या निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त जल भंडारण की व्यवस्था करनी होगी.
इसके साथ ही वर्षा जल संचयन नीति, 2026 को लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं. इसमें भूजल रिचार्ज को बाढ़ प्रबंधन से जोड़ने और सरकारी भवनों में इसके अनुपालन पर जोर दिया गया है. दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य सीवर और जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में जिम्मेदारी तय करना, समय रहते रखरखाव करना और तकनीक के जरिए पूरी व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करना है.


