पालघर : टोल नाके पर आइशर से मिला 43.5 लाख का प्रतिबंधित पान मसाला-तंबाकू... मुंबई ले जाने का शक
Palghar: Banned pan masala and tobacco worth ₹43.5 lakh seized from an Eicher truck at a toll plaza; suspected to be destined for Mumbai.
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों और पान मसाले की अवैध बिक्री रोकने के लिए अलग-अलग एजेंसियों द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से सड़क मार्ग के जरिए ऐसे उत्पाद पहुंचाने की कोशिश के मामले सामने आते रहते हैं। इस वजह से राज्य की सीमाओं और प्रमुख राजमार्गों पर जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। चारोटी टोल नाके पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक ही वाहन से लाखों रुपये का माल बरामद किया है।
पालघर : महाराष्ट्र के पालघर जिले में कासा पुलिस ने प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू की कथित तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दहानू तालुका के घोल गांव में मुंबई जाने वाले मार्ग पर स्थित चारोटी टोल नाके के पास पुलिस ने एक आइशर वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। वाहन से करीब 43.5 लाख रुपये कीमत का प्रतिबंधित पान मसाला और चबाने वाला तंबाकू बरामद किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह खेप गुजरात से मुंबई ले जाई जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई 2 अक्टूबर की रात करीब 10 बजकर 45 मिनट पर की गई। पुलिस टीम को संदिग्ध वाहन के जरिए बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान मुंबई की ओर ले जाए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद चारोटी टोल नाके के पास निगरानी बढ़ाई गई और संबंधित आइशर वाहन को रोककर जांच की गई।
समय और कैलेंडर वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस टीम को बड़ी मात्रा में पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू के बोरे मिले। सामान की जांच करने पर पता चला कि इसमें ‘बाजीराव’ ब्रांड का सुगंधित पान मसाला और ‘मस्तानी 216 प्रीमियम’ नाम का चबाने वाला तंबाकू शामिल है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह माल गुजरात से महाराष्ट्र लाया जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसे मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में पहुंचाया जाना था, जहां इसकी कथित तौर पर अवैध बिक्री की जानी थी। पुलिस अब इस खेप को भेजने वाले और मुंबई में इसे प्राप्त करने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू किसके कहने पर भेजा गया था। पुलिस वाहन से जुड़े दस्तावेजों और माल के परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर सकती है। इससे यह जानकारी मिल सकती है कि खेप कहां से लोड की गई और इसका वास्तविक गंतव्य क्या था।
चारोटी टोल नाका गुजरात और मुंबई के बीच सड़क मार्ग पर होने के कारण परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसी रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में प्रतिबंधित सामान की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस द्वारा वाहनों की जांच की जाती है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पकड़ी गई खेप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ सामान मिलने से इसके पीछे संगठित आपूर्ति व्यवस्था होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इससे पहले भी इसी रास्ते से ऐसी खेप मुंबई पहुंचाई गई थी या नहीं। मामले में वाहन चालक से पूछताछ भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि चालक को वाहन में रखे सामान की जानकारी थी या नहीं। उसे खेप कहां से मिली, किस स्थान तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए थे और मुंबई पहुंचने के बाद सामान किस व्यक्ति को सौंपा जाना था, इन सभी सवालों के जवाब जांच के लिए अहम होंगे। पुलिस वाहन से जुड़े मालिक और परिवहन व्यवस्था में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर प्रतिबंधित उत्पादों के परिवहन में मदद करने के साक्ष्य मिलते हैं तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
जब्त किए गए पान मसाले की मात्रा और कीमत इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण बनाती है। अकेले ‘बाजीराव’ सुगंधित पान मसाले के 50 बड़े बोरों की कीमत लगभग 37.5 लाख रुपये बताई गई है। वहीं ‘मस्तानी 216 प्रीमियम’ तंबाकू के 50 बड़े बोरों की कीमत करीब 6 लाख रुपये है। दोनों को मिलाकर बरामद माल का मूल्य करीब 43.5 लाख रुपये पहुंच गया है। अब पुलिस इस खेप के आर्थिक नेटवर्क की जानकारी भी जुटा सकती है। प्रतिबंधित सामान की खरीद के लिए भुगतान किसने किया, माल की आपूर्ति किस कारोबारी या व्यक्ति ने की और मुंबई में इसकी बिक्री से होने वाली रकम किसके पास पहुंचती, जैसे सवालों के जवाब पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों और पान मसाले की अवैध बिक्री रोकने के लिए अलग-अलग एजेंसियों द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से सड़क मार्ग के जरिए ऐसे उत्पाद पहुंचाने की कोशिश के मामले सामने आते रहते हैं। इस वजह से राज्य की सीमाओं और प्रमुख राजमार्गों पर जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। चारोटी टोल नाके पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक ही वाहन से लाखों रुपये का माल बरामद किया है।
इतनी बड़ी खेप मुंबई पहुंचने से पहले पकड़े जाने के बाद अब पुलिस की जांच इसके स्रोत और अंतिम खरीदार तक पहुंचने पर केंद्रित रहेगी। फिलहाल कासा पुलिस ने करीब 43.5 लाख रुपये कीमत का प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह खेप गुजरात से मुंबई के भिंडी बाजार में अवैध बिक्री के लिए ले जाई जा रही थी। अब जांच में यह साफ होगा कि इस खेप के पीछे कौन लोग शामिल थे और प्रतिबंधित सामान की आपूर्ति का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था।


