ठाणे : लव मैरिज के बाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर... पति की हत्या के आरोप में 6 महीने से फरार पत्नी गिरफ्तार

Thane: Extramarital affair after love marriage... Wife arrested after being on the run for six months on charges of murdering her husband.

ठाणे : लव मैरिज के बाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर... पति की हत्या के आरोप में 6 महीने से फरार पत्नी गिरफ्तार

गौरव की हत्या के बाद दीपाली पुलिस की पकड़ से बाहर हो गई थी। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी, लेकिन करीब छह महीने तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी मौजूदगी छिपा रही थी। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ परिचितों और अन्य संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही थी। लंबी तलाश के बाद ठाणे पुलिस को दीपाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। करीब छह महीने बाद हुई गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

ठाणे। प्रेम विवाह के बाद शुरू हुई एक दंपति की जिंदगी कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण विवादों में घिर गई और मामला हत्या तक पहुंच गया। पति की हत्या के मामले में करीब छह महीने से फरार चल रही आरोपी महिला को ठाणे पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान दीपाली उर्फ बाली विजय सालुंके के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि विवाहेतर संबंध को लेकर दीपाली और उसके पति गौरव रागड़े के बीच लगातार विवाद होता था और इसी विवाद के बीच गौरव की हत्या कर दी गई।

गौरव रागड़े नागपुर के अजनी इलाके में ऑटो-रिक्शा चलाते थे। गौरव और दीपाली ने प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में दोनों के बीच सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, दीपाली के कथित विवाहेतर संबंध को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। बताया जा रहा है कि गौरव को पत्नी के कथित संबंध के बारे में जानकारी मिलने के बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया था। इसी वजह से उनके वैवाहिक जीवन में लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस का आरोप है कि दीपाली अपने कथित रिश्ते को जारी रखना चाहती थी, जबकि गौरव इसका विरोध करता था। इसी विवाद को हत्या के पीछे की अहम वजह के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम और हत्या में आरोपी महिला की भूमिका की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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गौरव की हत्या के बाद दीपाली पुलिस की पकड़ से बाहर हो गई थी। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी, लेकिन करीब छह महीने तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी मौजूदगी छिपा रही थी। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ परिचितों और अन्य संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही थी। लंबी तलाश के बाद ठाणे पुलिस को दीपाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। करीब छह महीने बाद हुई गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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अब पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर हत्या से जुड़े पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि गौरव की हत्या की योजना किस तरह बनाई गई, वारदात में महिला की कथित भूमिका क्या थी और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति ने भी उसकी मदद की थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि हत्या के बाद दीपाली इतने लंबे समय तक कहां-कहां रही और किन लोगों ने उसे शरण या दूसरी तरह की मदद दी। यदि फरारी के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर आरोपी की सहायता किए जाने के साक्ष्य मिलते हैं तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

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मामले में कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर गौरव और दीपाली के बीच झगड़े होते थे। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि विवाद कब से चल रहा था और हत्या से ठीक पहले दोनों के बीच क्या परिस्थितियां बनी थीं। पुलिस आरोपी महिला के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। इससे हत्या से पहले और बाद में उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

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फरारी के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, ठिकाने और यात्रा से संबंधित जानकारियां भी पुलिस के लिए अहम साबित हो सकती हैं। गौरव रागड़े नागपुर के अजनी इलाके में ऑटो-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका चलाते थे। उनका दीपाली के साथ प्रेम विवाह हुआ था। जिस रिश्ते की शुरुआत दोनों की सहमति और पसंद से हुई थी, उसमें बाद में विवाद इतना बढ़ गया कि मामला गंभीर अपराध तक पहुंचने का आरोप है। पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद की जानकारी उनके परिवार और आसपास के लोगों को थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है। पुलिस ऐसे लोगों के बयान दर्ज कर सकती है, जिन्हें दोनों के रिश्ते में चल रहे तनाव के बारे में जानकारी थी। इससे हत्या से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी। दीपाली की गिरफ्तारी के बाद गौरव की हत्या के मामले में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह जानना चाहेगी कि हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके लिए पहले से कोई योजना तैयार की गई थी। इसके अलावा कथित विवाहेतर संबंध से जुड़े दूसरे व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, यह भी जांच का विषय हो सकता है। करीब छह महीने तक फरार रहने के कारण जांच एजेंसी आरोपी की गतिविधियों की पूरी समयरेखा तैयार कर सकती है। हत्या के बाद वह नागपुर से कब निकली, किन स्थानों पर रही और आखिरकार ठाणे तक कैसे पहुंची, इन सभी पहलुओं को जोड़ना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।

मामले में पुलिस के सामने अब हत्या से जुड़े भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों को आरोपी से जोड़ने की चुनौती है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से मिली जानकारी का पहले से जुटाए गए साक्ष्यों से मिलान किया जाएगा। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई हो सकती है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद के हिंसक रूप लेने के गंभीर परिणाम को सामने रखा है। वैवाहिक रिश्ते में विवाद या किसी तीसरे व्यक्ति को लेकर मतभेद होने की स्थिति में कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं।

किसी भी विवाद में हिंसा या हत्या समाधान नहीं हो सकती। फिलहाल दीपाली उर्फ बाली विजय सालुंके पुलिस की गिरफ्त में है। लगभग छह महीने तक फरार रहने के बाद उसकी गिरफ्तारी से गौरव रागड़े हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ हत्या के पीछे की परिस्थितियों, कथित विवाहेतर संबंध और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच करेगी। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हत्या के पीछे की पूरी कहानी और आरोपी महिला पर लगे आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।