मुंबई : घनी बस्तियों की सफाई पर हर साल 136 करोड़ होगा खर्च... QR कोड से होगी निगरानी

Mumbai: ₹136 crore to be spent annually on cleaning densely populated areas... Monitoring to be done via QR codes.

मुंबई : घनी बस्तियों की सफाई पर हर साल 136 करोड़ होगा खर्च... QR कोड से होगी निगरानी

स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने घर-घर कचरा संग्रहण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए QR कोड आधारित व्यवस्था का सुझाव दिया है। इसके तहत प्रत्येक गली के पहले, बीच और आखिरी घर पर QR कोड लगाया जा सकता है। इन घरों के निवासियों से महीने में एक बार फोटो या वीडियो के साथ फीडबैक लेने का प्रस्ताव है।

मुंबई : झोपड़पट्टियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए मनपा ने 'बृहन्मुंबई स्वच्छता सेवा योजना' लागू करने का फैसला किया है। इस योजना पर हर साल करीब 136 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्थायी समिति में योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नई योजना के तहत केवल सफाई का काम ही नहीं, बल्कि घर-घर कचरा संग्रहण और आंतरिक गलियों की सफाई की निगरानी भी तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए GPS आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग और सफाई कार्य से पहले तथा बाद के फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने घर-घर कचरा संग्रहण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए QR कोड आधारित व्यवस्था का सुझाव दिया है। इसके तहत प्रत्येक गली के पहले, बीच और आखिरी घर पर QR कोड लगाया जा सकता है। इन घरों के निवासियों से महीने में एक बार फोटो या वीडियो के साथ फीडबैक लेने का प्रस्ताव है। यदि फीडबैक में कचरा संग्रहण में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। इससे यह भी पता चलेगा कि कचरा संग्रहण कर्मचारी वास्तव में नियमित रूप से घरों तक पहुंच रहे हैं या नहीं।

कचरा संग्रहण खुले में कचरा फेंकने और सड़क सफाई से जुड़ी शिकायतों के लिए अलग डिजिटल प्रणाली बनाने का सुझाव भी दिया गया है। नागरिक और नगरसेवक सीधे इस प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायतों के निपटारे के लिए एक दिन की समयसीमा तय करने तथा समय पर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित संस्था पर स्वतः जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। जुर्माने की राशि संबंधित संस्था के भुगतान से काटने की व्यवस्था का भी सुझाव दिया गया है।