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Read More... मुंबई : घनी बस्तियों की सफाई पर हर साल 136 करोड़ होगा खर्च... QR कोड से होगी निगरानी
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By Online Desk
स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने घर-घर कचरा संग्रहण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए QR कोड आधारित व्यवस्था का सुझाव दिया है। इसके तहत प्रत्येक गली के पहले, बीच और आखिरी घर पर QR कोड लगाया जा सकता है। इन घरों के निवासियों से महीने में एक बार फोटो या वीडियो के साथ फीडबैक लेने का प्रस्ताव है। मुंबई: मलेरिया का खतरा; घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट
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महाराष्ट्र में मलेरिया का खतरा अब डबल अटैक के रूप में सामने आ रहा है। घनी आबादी वाला मुंबई और दुर्गम जंगलों वाला गढ़चिरौली जिला राज्य के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं, जहां हर साल मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष २०२५ में राज्य भर में २२ हजार से ज्यादा मलेरिया के मामले दर्ज हुए और २७ लोगों की मौत हुई। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए छह जिलों में विशेष निगरानी और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है, ताकि बीमारी के पैâलाव को रोका जा सके। मुंबई : कांच की इमारतें, घनी आबादी वाली झुग्गियाँ और हवाई अड्डा गर्मी के मुख्य कारण
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शहरी गर्मी के लिए कांच की इमारतें, घनी आबादी वाली झुग्गियाँ और हवाई अड्डा मुख्य कारण हैं, यह बात नागरिकों द्वारा किए गए डेटा जैम से पता चली है। इस डेटा जैम में मुंबई के पाँच वार्डों में शहरी गर्मी के कारणों का आकलन किया गया। ओरवाणी फाउंडेशन के सिविक-टेक कार्यक्रम ओपनसिटी. इन और महाराष्ट्र सरकार के राज्य जलवायु कार्रवाई प्रकोष्ठ ने ‘मुंबई में शहरी गर्मी’ पर डेटा जैम आयोजित किया। 
