मुंबई : मीठी नदी घोटाले में अभिनेता डिनो मोरिया हुए गिरफ्तार...

Mumbai: Actor Dino Morea arrested in Mithi River scam...

मुंबई : मीठी नदी घोटाले में अभिनेता डिनो मोरिया हुए गिरफ्तार...

बीएमसी के अधिकारी, ठेकेदार और कथित बिचौलिए शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीनों की खरीद और किराये से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि मशीनरी उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ चुनिंदा कंपनियों और लोगों के जरिए काम कराया गया। इसके अलावा नदी से निकली सामग्री की मात्रा और उसके परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड तथा बिलों में भी कथित हेराफेरी की गई। जांच एजेंसी के अनुसार इन कथित अनियमितताओं के कारण बीएमसी को 65.54 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

मुंबई। मीठी नदी की सफाई और गहराई बढ़ाने के काम में कथित 65.54 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अभिनेता डिनो मोरिया को गिरफ्तार किया है। ताजा जानकारी के मुताबिक बांद्रा स्थित उनके आवास पर करीब आठ घंटे तक पूछताछ के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने यह कार्रवाई की। इस मामले में डिनो मोरिया की भूमिका को लेकर आर्थिक अपराध शाखा पहले से जांच कर रही थी।

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर मामले के मुख्य आरोपी केतन कदम और डिनो मोरिया के बीच लगातार फोन पर बातचीत के रिकॉर्ड मिले थे। पुलिस यह भी जांच कर रही थी कि क्या डिनो ने मीठी नदी से जुड़े बीएमसी के ठेकों को प्रभावित करने में किसी तरह की भूमिका निभाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि डिनो के भाई सैंटिनो रोको मोरिया और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम की पत्नी पुनीता कदम एक निजी कंपनी 'यूबीओ राइड्ज प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशक हैं।

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आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार जांच एजेंसी कदम परिवार और सैटिनो मोरिया के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में इस कंपनी से सैटिनो की कंपनी को करीब 18 लाख रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस लेनदेन का उद्देश्य और मामले से इसका संबंध जांच के दायरे में है। मीठी नदी परियोजना में कथित घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध शाखा ने 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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इनमें बीएमसी के अधिकारी, ठेकेदार और कथित बिचौलिए शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीनों की खरीद और किराये से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि मशीनरी उपलब्ध कराने के नाम पर कुछ चुनिंदा कंपनियों और लोगों के जरिए काम कराया गया। इसके अलावा नदी से निकली सामग्री की मात्रा और उसके परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड तथा बिलों में भी कथित हेराफेरी की गई। जांच एजेंसी के अनुसार इन कथित अनियमितताओं के कारण बीएमसी को 65.54 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

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