मुंबई में NCB का बड़ा ड्रग्स ऑपरेशन! 15,018 CBCS बोतलें, 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट और 1.06 किलो चरस जब्त; 2 गिरफ्तार
NCB conducts major drug operation in Mumbai! 15,018 CBCS bottles, 12,240 Tramadol tablets and 1.06 kg of hashish seized; 2 arrested
मुंबई NCB ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में 15,018 CBCS बोतलें, 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट और 1.060 किलो चरस जब्त की है। कार्रवाई मुंबई, भिवंडी और गुजरात तक फैली रही। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में कथित अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मुंबई: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई यूनिट ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने 15,018 कोडीन-बेस्ड कफ सिरप (CBCS) की बोतलें, 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट और 1.060 किलो चरस बरामद की है। इन कार्रवाइयों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में मुंबई, भिवंडी और गुजरात के बीच कथित ड्रग्स नेटवर्क का कनेक्शन सामने आया है।
यात्री बस के जरिए मुंबई लाई जा रही थी कफ सिरप की खेप
NCB को मिली विशेष सूचना के आधार पर 8 अगस्त को मुंबई में कार्रवाई की गई। टीम ने एक आरोपी एन. शेख को पकड़ा और उसके कब्जे से 1,080 CBCS बोतलें बरामद कीं। इन बोतलों का कुल वजन करीब 108 किलोग्राम बताया गया है।
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर ड्रग्स की यह खेप गुजरात से मुंबई आने वाली एक पैसेंजर बस के जरिए पहुंचाई जा रही थी। बरामद कफ सिरप को मुंबई, भिवंडी और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर खुदरा स्तर पर बेचने की योजना थी।
पूछताछ के बाद गुजरात तक पहुंची जांच
मुंबई में आरोपी से पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को गुजरात स्थित एक कथित वितरक के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद NCB की टीम ने गुजरात में निगरानी और फील्ड जांच शुरू की।
जांच के दौरान वडोदरा स्थित एक कथित वितरक और उसके गोदाम का पता लगाया गया। वहां छापेमारी के दौरान 13,938 CBCS बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गईं।
इस तरह दोनों कार्रवाइयों में कुल 15,018 CBCS बोतलें और 12,240 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की गईं।
बोतलों के बैच नंबर से कथित छेड़छाड़
जांच के दौरान कई CBCS बोतलों के बैच नंबरों में कथित तौर पर छेड़छाड़ पाए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी ने कई दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनमें कथित रूप से फर्जी इनवॉइस शामिल हैं।
जांच एजेंसी को संदेह है कि इन दस्तावेजों और बैच नंबरों में बदलाव का इस्तेमाल दवाओं की कथित अवैध डायवर्जन प्रक्रिया को छिपाने के लिए किया गया हो सकता है।
भिवंडी से जुड़ा आरोपी, पुराने NDPS मामले की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी एन. शेख मुख्य रूप से भिवंडी से गतिविधियां संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा पहले भी एक अन्य NDPS मामले में कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वहीं गुजरात से जुड़े कथित वितरक के खिलाफ भी पहले से NDPS से जुड़े मामले दर्ज होने की बात जांच में सामने आई है। NCB अब दोनों आरोपियों के कथित संपर्कों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।
घाटकोपर में 1.060 किलो चरस बरामद
दूसरी कार्रवाई में NCB ने 12 अगस्त को मुंबई के घाटकोपर में एक महिला के घर की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान 1.060 किलोग्राम चरस बरामद की गई।
जांच के अनुसार, चरस को कथित तौर पर घरेलू सामान के बीच छिपाकर रखा गया था। एजेंसी को शक है कि इसे मुंबई और आसपास के इलाकों में बिक्री के लिए लाया गया था।
इस मामले में ए. जे. शेख से पूछताछ की गई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसके कुछ कथित सहयोगियों की पहचान भी की गई है और उनकी तलाश की जा रही है।
त्योहारों से पहले चरस की कथित कमी का फायदा उठाने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण बाजार में चरस की उपलब्धता कथित तौर पर प्रभावित हुई थी। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए आरोपी और उसके कथित सहयोगियों ने कथित तौर पर कम उपलब्धता का फायदा उठाकर चरस को अधिक कीमत पर बेचने की योजना बनाई थी।
NCB अब यह पता लगाने में जुटी है कि चरस की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
ट्रामाडोल और कोडीन कफ सिरप को लेकर चेतावनी
ट्रामाडोल और कोडीन आधारित कफ सिरप का चिकित्सकीय इस्तेमाल होता है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह और निर्धारित तरीके से इनका सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। ट्रामाडोल के दुरुपयोग से निर्भरता और गंभीर साइड इफेक्ट का खतरा हो सकता है, जबकि कोडीन एक ओपिओइड है और इसकी अधिक मात्रा गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
दोनों कार्रवाइयों के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। NCB अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, ड्रग्स की आपूर्ति किन स्रोतों से होती थी और मुंबई तथा आसपास के इलाकों में इसे किन माध्यमों से पहुंचाया जाता था।
जांच एजेंसी कथित तौर पर जब्त दस्तावेजों, फर्जी इनवॉइस, मोबाइल संपर्कों और आरोपियों के पुराने मामलों से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।


