महाराष्ट्र एफडीए और एटीएस की बड़ी कार्रवाई, जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त
Maharashtra FDA and ATS conduct major operation, seize 1,080 Alprazolam tablets in Jalna
साइकोट्रोपिक दवाओं की कथित गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बिना चिकित्सकीय पर्चे और खरीद संबंधी रिकॉर्ड के नियंत्रित दवा की बिक्री के संकेत मिले हैं।
मुंबई : साइकोट्रोपिक दवाओं की कथित गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जालना में 1,080 अल्प्राजोलम टैबलेट जब्त की हैं। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बिना चिकित्सकीय पर्चे और खरीद संबंधी रिकॉर्ड के नियंत्रित दवा की बिक्री के संकेत मिले हैं।
अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त अभियान एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू किया गया। सूचना में बताया गया था कि एंजिलम 0.5 नामक दवा का कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से वितरण और बिक्री की जा रही है। अल्प्राजोलम एक नियंत्रित साइकोट्रोपिक दवा है, जिसका उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार किया जाता है। ऐसे में इसकी बिक्री और वितरण निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने सबसे पहले जालना में एक व्यक्ति को 240 अल्प्राजोलम टैबलेट के साथ पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान वह व्यक्ति इन दवाओं से संबंधित कोई वैध डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन, खरीद का बिल या दवा रखने का अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई कि टैबलेट कथित तौर पर गैर-कानूनी बिक्री के उद्देश्य से रखी गई थीं।
इसके बाद अधिकारियों ने उस व्यक्ति से पूछताछ की। जांच में कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि टैबलेट जालना के कदराबाद रोड स्थित मेसर्स वसंत मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स से बिना बिल के खरीदी गई थीं। इस जानकारी के आधार पर एफडीए और एटीएस की टीम ने संबंधित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। छापे के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर से 840 और अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद कीं। इस तरह दोनों स्थानों से कुल 1,080 टैबलेट जब्त की गईं। अधिकारियों ने जब्त की गई दवाओं को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
एफडीए के अधिकारियों का कहना है कि नियंत्रित दवाओं की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार केवल अधिकृत चिकित्सकीय पर्चे पर ही की जा सकती है। यदि कोई मेडिकल स्टोर या व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दवाओं की आपूर्ति का स्रोत क्या था और क्या इस कथित नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दवाओं की खरीद-बिक्री कितने समय से की जा रही थी और क्या अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
एफडीए ने कहा कि राज्य में साइकोट्रोपिक और अन्य नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को भी निर्धारित नियमों का पालन करने और बिना वैध दस्तावेज किसी भी नियंत्रित दवा की बिक्री नहीं करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसी दवाएं केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह और वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही खरीदें। यदि कहीं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है। एफडीए और एटीएस यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस कथित अवैध बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही और क्या इस नेटवर्क का दायरा जालना से बाहर भी फैला हुआ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


