ठाणे में गहराया जल संकट: मानसून की देरी से 38% पानी की कमी, TMC ने 31 अगस्त तक लागू की 20% कटौती
Water crisis deepens in Thane: 38% water deficit due to delayed monsoon; TMC imposes 20% cut until August 31.
महाराष्ट्र में मानसून की देरी के कारण ठाणे (Thane) जिले में गहरा जल संकट पैदा हो गया है। जिले को पानी की आपूर्ति करने वाले बांधों में 38 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे शहर में 31 अगस्त तक 20 प्रतिशत पानी की कटौती (Water Cut) लागू कर दी है। प्रशासन ने नागरिकों से पानी बचाने की सख्त अपील की है।
ठाणे: मुंबई और उससे सटे एमएमआर (MMR) क्षेत्र में इस साल मानसून की देरी और अपर्याप्त बारिश ने आम जनता और प्रशासन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ठाणे जिले में जल संकट एक गंभीर रूप लेता जा रहा है। जिले को पानी की आपूर्ति करने वाले प्रमुख बांधों के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में कम बारिश के चलते पानी के भंडार में 38 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई है।
इस आसन्न जल संकट को देखते हुए, ठाणे महानगरपालिका (TMC) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शहर में 20 प्रतिशत की पानी कटौती लागू कर दी है।
31 अगस्त तक जारी रहेगी पानी की कटौती
टीएमसी अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, झीलों और बांधों में लगातार गिरते जलस्तर को प्रबंधित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। वर्तमान में लागू की गई 20% की यह पानी कटौती 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी। अगर आने वाले हफ्तों में कैचमेंट क्षेत्रों में संतोषजनक बारिश नहीं होती है, तो इस कटौती की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
बांधों की स्थिति चिंताजनक
ठाणे शहर और आसपास के इलाकों को मुख्य रूप से भातसा (Bhatsa) और बारवी (Barvi) बांधों के साथ-साथ स्टेम (STEM) जल प्राधिकरण से पानी की आपूर्ति होती है।
- आमतौर पर मानसून के इस चरण तक बांधों का जलस्तर सुरक्षित सीमा तक पहुंच जाता है, लेकिन इस साल 'एल नीनो' (El Nino) और बारिश के लंबे ब्रेक के कारण जल भंडारण सामान्य से 38% नीचे चल रहा है।
- भविष्य में पीने के पानी की किल्लत न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को रिज़र्व स्टॉक का इस्तेमाल काफी सोच-समझकर करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
टीएमसी कमिश्नर और जल आपूर्ति विभाग ने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है:
- पानी की बर्बादी रोकें: पीने के पानी का इस्तेमाल गाड़ियां धोने, सीढ़ियां या रस्ते धोने और बागवानी के लिए बिल्कुल न करें।
- संग्रहण: कटौती के दिनों के लिए बाल्टियों और टंकियों में जरूरत के हिसाब से पानी जमा करके रखें, लेकिन इसे अनावश्यक रूप से न बहाएं।
- कार्रवाई की चेतावनी: प्रशासन ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या हाउसिंग सोसाइटी पीने के पानी की व्यावसायिक या गैर-जरूरी काम में बर्बादी करती पाई गई, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीदों के बीच, ठाणे के नागरिकों को अगले कुछ हफ्तों तक इस परेशानी से जूझना पड़ेगा। प्रशासन लगातार मौसम विभाग के पूर्वानुमानों और बांधों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।


