मुंबई: झीलों में पानी का स्तर बढ़ा, उपयोगी जल भंडार 7.31% तक पहुंचा
Mumbai: Water level in lakes rises, usable water reserves reach 7.31%
मुंबई में हाल ही में हुई मॉनसून की बारिश के बाद शहर के जल भंडार की स्थिति में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों में कुल उपयोगी पानी का स्टॉक बढ़कर 7.31 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
मुंबई: मुंबई में हाल ही में हुई मॉनसून की बारिश के बाद शहर के जल भंडार की स्थिति में हल्का सुधार दर्ज किया गया है। हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों में कुल उपयोगी पानी का स्टॉक बढ़कर 7.31 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 27 जून की सुबह 6 बजे दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडिल वैतरणा, भाटसा, विहार और तुलसी झीलों में कुल उपयोगी पानी की मात्रा 1,05,755 मिलियन लीटर दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले कुछ दिनों की तुलना में बेहतर स्थिति को दर्शाता है, हालांकि अभी भी यह स्तर शहर की पूरी सालभर की जरूरतों को पूरा करने के लिहाज से कम माना जा रहा है।
वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में इन झीलों में पानी का स्तर काफी अधिक था और कुल उपयोगी जल भंडार 5,37,788 ML दर्ज किया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि इस वर्ष अब तक जल भंडारण की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर बनी हुई है। मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति मुख्य रूप से इन सात झीलों से की जाती है, जिनमें मानसून के दौरान बारिश का पानी एकत्र किया जाता है और पूरे वर्ष शहर की जल आपूर्ति इसी पर निर्भर रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की शुरुआती बारिश के बाद जलस्तर में यह सुधार सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, और आने वाले हफ्तों में इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
नगर प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ-साथ झीलों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे शहर की पानी की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। फिलहाल जल आपूर्ति विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई जैसे बड़े महानगर के लिए जल प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां की आबादी बहुत अधिक है और पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में झीलों में पर्याप्त जल संग्रहण होना आवश्यक है।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे पानी की बचत करें और अनावश्यक उपयोग से बचें, ताकि आने वाले समय में किसी भी तरह की जल संकट की स्थिति से बचा जा सके। कुल मिलाकर, मानसून की शुरुआती बारिश ने मुंबई की झीलों में जल स्तर को थोड़ा राहत जरूर दी है, लेकिन अभी भी शहर की जल सुरक्षा के लिए आगे और बेहतर बारिश की जरूरत बनी हुई है।


