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मुंबई : मलाड में पानी से भरे कंस्ट्रक्शन के गड्ढे में गिरने से 8 साल के बच्चे की मौत

मुंबई : मलाड में पानी से भरे कंस्ट्रक्शन के गड्ढे में गिरने से 8 साल के बच्चे की मौत मलाड ईस्ट में एक आठ साल के लड़के की पानी से भरे एक कंस्ट्रक्शन के गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। लड़का एक गेंद निकालने की कोशिश कर रहा था। यह घटना रात करीब 8:00 बजे कुरार गांव के अंबवाड़ी स्थित छगन पटेल चाल में हुई। लड़के की पहचान दिव्यांश राजेश मौर्य (8) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक गेंद निकालने गया था, तभी गलती से मौली कंस्ट्रक्शन द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में गिर गया।
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मुंबई में 24 घंटे के लिए पानी की सप्लाई रहेगी बंद! गोरेगांव के कई हिस्से प्रभावित

मुंबई में 24 घंटे के लिए पानी की सप्लाई रहेगी बंद! गोरेगांव के कई हिस्से प्रभावित मुंबईकरों को अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। शहर में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर चल रहे काम की वजह से पानी की सप्लाई में कटौती होगी। गोरेगांव ईस्ट में 24 घंटे पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने यह जानकारी दी है। बीएमसी का कहना है कि मंगलवार, 10 मार्च सुबह 9 बजे से बुधवार 11 मार्च सुबह 9 बजे तक पानी की सप्लाई रोक दी जाएगी। 
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ठाणे : जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठाणे में विशेष पहल

ठाणे : जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठाणे में विशेष पहल ठाणे जिले में ग्रामीण पानी सप्लाई सिस्टम को ज़्यादा टिकाऊ, कुशल और जनता की भागीदारी पर आधारित बनाने के मकसद से, जिले में 8 से 22 मार्च तक 'जल महोत्सव' बड़े जोश के साथ मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नदी महोत्सव' की तर्ज पर 'जल उत्सव' मनाने की परंपरा को डेवलप करने पर ज़ोर दिया था। इसी के तहत, नेशनल ड्रिंकिंग वॉटर डिपार्टमेंट, केंद्र सरकार और नीति आयोग के सहयोग से 2024 में देश के 20 महत्वाकांक्षी जिलों में पायलट बेसिस पर जल उत्सव लागू किया गया था। मिले सफल रिस्पॉन्स के बाद, इस साल यह महोत्सव पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है।
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पुणे में 100+ इलाकों में दूषित जल संकट... मनपा पर सवाल, जनता में आक्रोश

पुणे में 100+ इलाकों में दूषित जल संकट...  मनपा पर सवाल, जनता में आक्रोश मलनिस्सारण विभाग के तहत आने वाले जोन क्रमांक 1 से 5 में सीवर लाइनों के जाम होने के कारण मलजल पेयजल की पाइपलाइनों में रिस रहा है। घनी बस्तियों में जल वितरण और निकासी की व्यवस्था इतनी जर्जर हो चुकी है कि दोनों पाइपलाइने एक-दूसरे के बेहद करीब या एक ही स्तर पर बिछी हुई हैं। ऐसे में पाइपलाइन फटने या रिसाव होने की स्थिति में सीवेज सीधे पीने के पानी में मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए जलापूर्ति और ड्रेनेज विभाग के कार्यों हेतु 20 करोड़ 20 लाख रुपये का फंड ट्रांसफर किया गया है, लेकिन धरातल पर सुधार की गति कछुआ चाल से भी धीमी है। पिछले चार वर्षों से पुणे मनपा में प्रशासक राज लागू होने के कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधि मौजूद नहीं थे।
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