मुंबई : ठाणे से मुलुंड के बीच 21 किलोमीटर लंबी वॉटर टनल बनाने की योजना

Mumbai: Plans to build a 21-km-long water tunnel between Thane and Mulund

 मुंबई : ठाणे से मुलुंड के बीच 21 किलोमीटर लंबी वॉटर टनल बनाने की योजना

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की बेहद महत्वाकांक्षी 21 किलोमीटर लंबी पानी की सुरंग परियोजना को कोस्टल रेगुलेशन जोन की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लागू होने के बाद मुंबई में अधिक पानी की उपलब्धता और भविष्य की मांग को पूरा किया जा सकेगा। बीएमसी ने इस 21 किलोमीटर की सुरंग के प्रोजेक्ट को बैकअप प्लान के तौर पर तैयार करने का फैसला किया है। बीएमसी की महत्वाकांक्षी 21 किलोमीटर लंबी पानी की सुरंग परियोजना ठाणे में येवाई और काशेली को पूर्वी उपनगरों में मुलुंड से जोड़ेगी। टनल के निर्माण में लगभग 4,500 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है, और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की बेहद महत्वाकांक्षी 21 किलोमीटर लंबी पानी की सुरंग परियोजना को कोस्टल रेगुलेशन जोन की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लागू होने के बाद मुंबई में अधिक पानी की उपलब्धता और भविष्य की मांग को पूरा किया जा सकेगा। बीएमसी ने इस 21 किलोमीटर की सुरंग के प्रोजेक्ट को बैकअप प्लान के तौर पर तैयार करने का फैसला किया है। बीएमसी की महत्वाकांक्षी 21 किलोमीटर लंबी पानी की सुरंग परियोजना ठाणे में येवाई और काशेली को पूर्वी उपनगरों में मुलुंड से जोड़ेगी। टनल के निर्माण में लगभग 4,500 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है, और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

 

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मार्च, 2024 में निकले थे टेंडर
बीएमसी का यह प्रोजेक्ट मुंबई की पानी की सप्लाई को मजबूत करेगा तो वहीं दूसरी तरफ प्रस्तावित काशेली-मुलुंड सुरंग मुंबई-नासिक हाईवे के विस्तार में भी मदद करेगी। बीएमसी येवई जलाशय से काशेली तक एक सुरंग भी बनाएगी। येवाई-काशेली सुरंग की कुल लंबाई 14 किमी है जबकि काशेली-मुलुंड सुरंग की लंबाई 7 किमी किलोमीटर है। इसकी गहराई 110 मीटर होगी। यह प्रोजेक्ट अगले 6 से की टाइमलाइन में तैया हो जाएगा। बीएमसी ने मार्च 2024 में 14 किलोमीटर लंबी येवई-काशेली सुरंग और 7 किलोमीटर लंबी काशेली-मुलुंड सुरंग के लिए टेंडर जारी किए गए थे।

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पूर्व उपनगरों को मिलेगा पानी
बीएमसी के इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण मंजूरी मिलनी बाकी थी। अब पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने काशेली (भिवंडी) से मुलुंड (ऑक्ट्रॉय नाका) तक बीएमसी के वॉटरवे प्रोजेक्ट के लिए कोस्टल रेग्युलेशन जोन  क्लीयरेंस दे दिया है। इस टनल का निर्माण टनल बोरिंग मशीन का उपयोग करके किया जाएगा। ऐसे में पर्यावरण की मंजूरी जरूरी थी। इस टनल का कुल व्यास 5.3 मीटर होगा। यह सुरंग येवाई मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वॉयर  से भिवंडी के काशेली तक होगी, जो 150-180 मीटर की गहराई पर बनेगी और पुराने पाइपलाइनों की जगह लेगी, जिससे पूर्वी उपनगरों को बेहतर जल आपूर्ति मिलेगी।

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बीएमसी के एजेंडे में अन्य टनल प्रोजेक्ट भी
बीएमसी शहर की पानी की सप्लाई को मजबूत करने के लिए अन्य बड़े टनल प्रोजेक्ट्स पर भी विचार कर रही है, जिसमें मारोल और माहिम, मालाबार हिल और क्रॉस मैदान, और वेरावली और यारी रोड के बीच संभावित लिंक, साथ ही गुंडावली और भांडुप कॉम्प्लेक्स के बीच एक कनेक्शन शामिल है। इसके अलावा, छोटी टनलें पवई, वेरावली और घाटकोपर को जोड़ेंगी, जिससे शहर का पानी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बेहतर होगा। मुंबई में ठाणे और नासिक की झीलों से पानी आता है।
 

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