मुंबई : मुंबई मेट्रो में बच्चे ने किया खतरनाक स्टंट, वीडियो देख प्रशासन का बढ़ गया पारा, जारी की चेतावनी
Mumbai: Child performs dangerous stunt in Mumbai Metro, administration gets furious after watching the video, issues warning Show alternatives
सार्वजनिक परिवहन के साधनों में रील बनाने और स्टंट करने का बुखार अब बच्चों तक पहुंच गया है, जो न केवल उनके लिए बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है. महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. यह वीडियो एक बच्चे का है, जो चलती मेट्रो के भीतर ग्रैब हैंडल (पकड़ने वाले हैंडल) पर लटककर असुरक्षित तरीके से करतब दिखा रहा है.
मुंबई : सार्वजनिक परिवहन के साधनों में रील बनाने और स्टंट करने का बुखार अब बच्चों तक पहुंच गया है, जो न केवल उनके लिए बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है. महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. यह वीडियो एक बच्चे का है, जो चलती मेट्रो के भीतर ग्रैब हैंडल (पकड़ने वाले हैंडल) पर लटककर असुरक्षित तरीके से करतब दिखा रहा है.
अलर्ट यात्री ने खोली पोल
मेट्रो कॉर्पोरेशन को यह वीडियो एक जागरूक यात्री ने भेजा था. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चा मेट्रो की ऊंची रॉड और हैंडल्स का इस्तेमाल जिमनास्टिक बार की तरह कर रहा है. मेट्रो प्रशासन ने इसे ‘सिर्फ एक खेल’ मानने से इनकार करते हुए इसे बेहद खतरनाक बताया है. अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो एक सार्वजनिक संपत्ति है, न कि कोई खेल का मैदान या सर्कस.
लापरवाही पड़ सकती है भारी: जुर्माना और जेल का प्रावधान
महा मुंबई मेट्रो ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल जान जोखिम में डालती हैं, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय भी हैं. मेट्रो परिसर में स्टंट करना, भागना-दौड़ना या नियमों का उल्लंघन करना कानूनन अपराध है. इसके लिए भारी जुर्माना वसूला जा सकता है और गंभीर मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है. मेट्रो में अचानक लगने वाले झटके या तेज गति के दौरान संतुलन बिगड़ने से सिर में गंभीर चोट लग सकती है या स्थायी विकलांगता आ सकती है.
अभिभावकों के लिए वेक-अप कॉल
कॉर्पोरेशन ने विशेष रूप से माता-पिता और अभिभावकों से मार्मिक अपील की है. मेट्रो प्रशासन का कहना है कि बच्चों को यह समझाना बड़ों की जिम्मेदारी है कि मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थान पर अनुशासन क्यों जरूरी है. पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों को पब्लिक प्रॉपर्टी का सम्मान करना सिखाएं और उन्हें बताएं कि मेट्रो में धक्का-मुक्की करना या ऊंच-नीच वाली हरकतें करना उनके भविष्य को संकट में डाल सकता है.


