नवी मुंबई JNPA पोर्ट पर फंसे कंटेनरों को राहत, 15 दिन तक ग्राउंड रेंट चार्ज माफ
Relief for containers stranded at Navi Mumbai JNPA Port, ground rent charges waived for 15 days
नवी मुंबई के जएनपीए (JNPA) पोर्ट पर मिडिल ईस्ट जाने वाले फंसे कंटेनरों के लिए 15 दिनों तक ग्राउंड रेंट और ड्वेल टाइम चार्ज माफ किए जाएंगे। यह फैसला पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित निर्यातकों को राहत देने के लिए लिया गया है।
नवी मुंबई: नवी मुंबई स्थित Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) ने मिडिल ईस्ट के लिए भेजे जाने वाले कंटेनरों के फंसने की समस्या को देखते हुए निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। पोर्ट प्रशासन ने घोषणा की है कि 15 दिनों तक ग्राउंड रेंट और ड्वेल टाइम चार्ज पूरी तरह माफ किए जाएंगे।
यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों में आई बाधाओं के कारण लिया गया है, जिसकी वजह से कई कंटेनर पोर्ट पर ही फंस गए हैं। इससे निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था।
पोर्ट प्रशासन के अनुसार, 28 फरवरी से 14 मार्च 2026 तक के लिए यह राहत लागू होगी। जिन कंटेनरों को 28 फरवरी से पहले टर्मिनल में रखा गया था या 8 मार्च सुबह 7 बजे तक पोर्ट में प्रवेश मिला था, वे इस छूट के दायरे में आएंगे।
इसके अलावा, रेफ्रिजरेटेड (रीफर) कंटेनरों के लिए भी राहत दी गई है। पोर्ट ऑपरेटरों को रीफर प्लग-इन चार्ज में 80% तक छूट देने का निर्देश दिया गया है, ताकि खराब होने वाले सामान (जैसे फल-सब्जियां) को नुकसान से बचाया जा सके।
जएनपीए भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट है, जहां NSFT, NSICT, NSIGT, BMCT और APM टर्मिनल जैसे पांच बड़े कंटेनर टर्मिनल संचालित होते हैं। ये टर्मिनल वैश्विक ऑपरेटरों द्वारा संचालित किए जाते हैं।
सरकार का कहना है कि इस कदम से निर्यातकों को करोड़ों रुपये की राहत मिलेगी और मौजूदा संकट के दौरान व्यापार गतिविधियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।


