मुंबई : स्ट्रेस फ्री जोन, नेचुरल पाथवे और अर्बन फॉरेस्ट, मुंबई के अंधेरी में तैयार हो रहा अनोखा पार्क, जानें खास बातें
Mumbai: A unique park with a stress-free zone, natural pathways, and an urban forest is being developed in Andheri, Mumbai. Learn more.
अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
मुंबई : अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
मियावॉकी पद्धति पर हो रहा काम
बीएमसी द्वारा पिछले कुछ सालों से पर्यावरण संतुलन को लेकर तेजी से प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए सघन जंगल के लिए मियावॉकी पद्धति । से काम किया जा रहा है। यह पहल समूचे क्षेत्र में हरियाली बढ़ा रही है।
नए अनोखे पार्क में मिलेंगी ये सुविधाएं
• देशी घास के मैदान । पब्लिक अर्बन फॉरेस्ट में कई तरह की सुविधाएं होगी, जो कि संभवतः मुंबई में पहली बार एक ही जगह पर होगी। यहा वन भ्रगण और देशी घास के मैदान भी होंगे।
• योग जोन : प्राकृत्तिक वातावरण में योग, श्वास अभ्यास और ध्यान के लिए अलग क्षेत्र।
• साइलेंट जोन : मानसिक शांति, आत्म-चितन और आतरिक सुकून प्रदान करने के लिए कम डिस्डरबेस वाला क्षेत्र।
• बी विथ यू जोन : यहां भावनात्मक विश्राम, एकात और शहरी तनाव से दूर रहने के लिए बनाए गए विशेष स्थान।
· वेलनेस जोन : प्रकृति से जुड़ा एक ऐसा क्षेत्र होगा, जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ समत्र कल्याण में नदद करेगा।
• देवराई वन : भारत के जैव विविधता और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण देशी पेड़ लगेंगे।
• संस्कृतिक वन: भारतीय शास्त्रो, संस्कृति और विरासत में वर्णित पेड़ो का पौधरोपण होगा, यहां लोगों की जानकारी के लिए बोर्ड भी लगाए जाएगे।
तितली उद्यान : तितलियों, मधुमक्खियों के लिए डिजाइन किया गया देशी फूलो का एक बगीया होगा, जहां वे आकर्षित होगे। इनके रहने के लिए लकड़ी,
बांस, पातियों और मिट्टी के घर भी होगे।
• औषधीय उद्यान : आयुर्वेद में उपयोग की जाने वाली औषधि जड़ी-बूटियों और पेड़ों का पौधरोपण, जो पारंपरिक उपचार को बढ़ावा देता है।
• नेचुरल पाथवे। प्राकृतिक सामग्री जैसे रेत, बजरी, छोटी लकड़ी और पत्थर से बने चलने वाले रास्ते, जो प्रकृति के बीच लोगो को चलने का एक अलग अनुभव देगे।


