ईडी का बड़ा एक्शन: बेंगलुरु में 2500 करोड़ के अवैध क्रिप्टो मनी ट्रांसफर नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 करोड़ रुपये फ्रीज
Major ED action: ₹2,500 crore illegal crypto money transfer network busted in Bengaluru; ₹6 crore frozen.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु की छह फर्मों के परिसरों पर तलाशी लेने के बाद 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध क्रिप्टो-लिंक्ड क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में ईडी ने इन कंपनियों के कुछ बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है, जिनमें करीब 6 करोड़ रुपये की राशि जमा थी।
बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अवैध लेनदेन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने बेंगलुरु स्थित छह फर्मों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध क्रिप्टो-आधारित क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के बड़े पैमाने पर उल्लंघन के आरोप में इन कंपनियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई बैंक खातों पर रोक लगा दी है, जिनमें लगभग 6 करोड़ रुपये की धनराशि जमा थी।
FEMA नियमों का खुला उल्लंघन
ईडी के अनुसार, जांच एजेंसी को शिकायतें मिली थीं कि बेंगलुरु स्थित कुछ संस्थाएं बिना किसी आधिकारिक अनुमति के क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) का उपयोग करके बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर कर रही थीं। जांच में सामने आया कि ये कंपनियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों और FEMA के दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रही थीं और विदेशी प्रेषण के लिए किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं कर रही थीं।
कैसे काम करता था यह अवैध नेटवर्क?
जांच में यह बात सामने आई कि ये संस्थाएं अपनी वेबसाइटों के माध्यम से तुरंत क्रिप्टोकरेंसी खरीदने, बेचने और स्वैप करने की सेवाओं का आक्रामक विज्ञापन करती थीं। ये प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर और यूरो जैसी पारंपरिक मुद्राओं को बिटकॉइन (Bitcoin) और यूएसडीटी (USDT) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदलने (on-ramp) और वापस नकद में बदलने (off-ramp) की सुविधा प्रदान करते थे। बाद में इन एसेट्स को भारतीय और विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से बेच दिया जाता था और प्राप्त राशि को बिना किसी रेगुलेटरी जांच के वांछित प्राप्तकर्ताओं को ट्रांसफर कर दिया जाता था।
इन कंपनियों पर हुई कार्रवाई
जिन कंपनियों के परिसरों पर तलाशी ली गई, उनमें ट्रांसक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Transak), कैरेटेक्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Carret), मोक्षगना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Xpat), बायहाटके इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड (Onramp.money) और अभावा टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (Onmeta) शामिल हैं। ईडी ने बताया कि ये कंपनियां शेल (shell) कंपनियों और विदेशी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके बिना किसी ऑथराइजेशन के 'ओवर-द-काउंटर' (OTC) लेनदेन कर रही थीं।
ईडी ने इन कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और मामले की आगे की विस्तृत जांच जारी है।


