NEET परीक्षा के बीच मुंबई में बेस्ट प्रशासन का कड़ा रुख, हड़ताली कर्मचारियों को 'मेस्मा' का नोटिस जारी
Amid the NEET exam, the BEST administration in Mumbai has adopted a tough stance, issuing 'MESMA' notices to striking employees.
मुंबई में बेस्ट (BEST) बसों की हड़ताल के कारण पैदा हुए संकट और आगामी नीट (NEET) परीक्षा को देखते हुए बेस्ट प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। छात्रों और आम यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ 'मेस्मा' (MESMA - आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) के तहत नोटिस जारी कर दिए गए हैं। तुरंत काम पर न लौटने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई: मुंबई में कांट्रैक्ट (Wet-lease) पर काम करने वाले बेस्ट (BEST) बस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते चरमराई परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। आगामी नीट (NEET) परीक्षा के मद्देनजर छात्रों के हितों की रक्षा के लिए बेस्ट प्रशासन ने आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ मेस्मा (MESMA - Maharashtra Essential Services Maintenance Act) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के संवेदनशील समय में सार्वजनिक परिवहन को ठप करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नीट (NEET) परीक्षा के चलते सख्त हुआ प्रशासन
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में शामिल होने वाले लाखों छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में बेस्ट बसें सबसे बड़ा और किफायती जरिया हैं। हड़ताल के दूसरे दिन भी बसों के न चलने से छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी चिंता देखी जा रही थी। छात्रों के भविष्य और उनकी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इस आपातकालीन स्थिति में मेस्मा कानून का सहारा लिया है।
नोटिस में दी गई सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
बेस्ट प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस में आंदोलनकारी और अनुपस्थित कर्मचारियों को तुरंत अपनी ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
मेस्मा (MESMA) लागू होने के बाद के परिणाम:
इस सख्त कानून के लागू होने के बाद यदि कोई कर्मचारी काम पर लौटने से इनकार करता है, तो बिना वारंट के उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके अलावा उन्हें सेवा से निलंबित (Suspend) किया जा सकता है, उनका लाइसेंस रद्द हो सकता है और उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकती है।
वैकल्पिक व्यवस्था के दावे
प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। संविदात्मक ऑपरेटरों (Private Operators) को चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द वैकल्पिक चालकों (Drivers) की व्यवस्था कर बसों का परिचालन शुरू करें। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशनों और मुख्य मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बसें चलाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इस सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब देखना यह होगा कि हड़ताली कर्मचारी अपनी जिद छोड़ते हैं या प्रशासन को और कड़े कदम उठाने पड़ते हैं।


