मुद्रांक विभाग में बड़ा फेरबदल: मुंबई-पुणे में लंबे समय से जमे 74 अधिकारियों का विदर्भ-मराठवाड़ा ट्रांसफर
Major reshuffle in the Stamp Department: 74 officials long stationed in Mumbai and Pune transferred to Vidarbha and Marathwada.
महाराष्ट्र के मुद्रांक और पंजीकरण (Stamps and Registration) विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में लंबे समय से जमे 74 अधिकारियों का तबादला विदर्भ और मराठवाड़ा के दुर्गम व दूरदराज के जिलों में कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रिक्त पदों को भरना और पूरे राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को संतुलित करना है।
मुंबई: महाराष्ट्र के राजस्व और मुद्रांक विभाग में एक बड़ा और सख्त प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य के मुद्रांक विभाग (Stamps Department) में कड़ा कदम उठाते हुए बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले (Transfers) किए हैं। इस फैसले के तहत मुंबई और पुणे जैसे सुविधाजनक शहरों में सालों से तैनात अधिकारियों को अब राज्य के दूरदराज इलाकों में भेजा गया है।
74 अधिकारियों पर गिरी गाज
इस व्यापक फेरबदल के तहत कुल 74 अधिकारियों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से ज्यादातर अधिकारी वे हैं जो पिछले काफी समय से मुंबई, ठाणे और पुणे महानगर क्षेत्र में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब इन्हें विदर्भ और मराठवाड़ा के उन ग्रामीण व दुर्गम जिलों में नियुक्त किया गया है, जहां लंबे समय से अधिकारियों की भारी कमी थी।
तबादलों का मुख्य विवरण:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल प्रभावित अधिकारी | 74 अधिकारी |
| कहाँ से हटाए गए | मुंबई, ठाणे और पुणे |
| कहाँ ट्रांसफर किए गए | विदर्भ और मराठवाड़ा के जिले |
| मुख्य विभाग | मुद्रांक और पंजीकरण विभाग |
फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बड़े फेरबदल के पीछे सरकार के कई अहम लक्ष्य हैं:
- रिक्त पदों की भरपाई: विदर्भ और मराठवाड़ा के कई जिलों में मुद्रांक विभाग के महत्वपूर्ण पद काफी समय से खाली पड़े थे। इससे वहां के स्थानीय नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री और अन्य राजस्व कार्यों में भारी देरी का सामना करना पड़ रहा था।
- प्रशासनिक संतुलन: पूरे राज्य में कर्मचारियों का समान वितरण (Staff Balancing) सुनिश्चित करना, ताकि किसी एक क्षेत्र में कर्मचारियों की अधिकता और दूसरे में कमी न रहे।
- एकाधिकार तोड़ना: लंबे समय तक एक ही सुविधाजनक स्थान पर टिके रहने से पैदा होने वाली प्रशासनिक सुस्ती को खत्म कर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना।
अधिकारियों के इस अचानक तबादले से विभाग में हड़कंप मच गया है, लेकिन दूसरी ओर इसे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अटके पड़े प्रशासनिक कार्यों को गति देने वाले एक बेहद सकारात्मक और जरूरी कदम के रूप में देखा जा रहा है।


