कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आगाज: दिल्ली से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का पहला जत्था, नाथू ला मार्ग से करेंगे प्रवेश
Kailash Mansarovar Yatra 2026 Begins: First Batch of Pilgrims Departs from Delhi; Will Enter via Nathu La Route
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 (Kailash Mansarovar Yatra 2026) की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर सिक्किम के नाथू ला दर्रा (Nathu La Route) मार्ग के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें इस साल कड़े सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जा रहा है।
नई दिल्ली: भोलेनाथ के भक्तों के लिए एक बेहद पावन और प्रतीक्षित घड़ी आ गई है। वर्ष 2026 की पवित्र 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' (Kailash Mansarovar Yatra) की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को नई दिल्ली से एक विशेष समारोह में हरी झंडी दिखाकर सिक्किम के नाथू ला (Nathu La) मार्ग के लिए रवाना किया गया।
इस यात्रा को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। दिल्ली से रवाना होने के बाद यह जत्था सिक्किम पहुंचेगा, जहां से वे तिब्बत (चीन) में प्रवेश कर पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करेंगे।
नाथू ला मार्ग: आरामदायक और सुगम सफर
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस यात्रा के लिए नाथू ला दर्रा मार्ग को काफी सुगम और सुरक्षित माना जाता है।
- वाहनों की सुविधा: यह मार्ग उन तीर्थयात्रियों के लिए बेहद अनुकूल है जो दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर लंबा पैदल चलने में असमर्थ हैं, क्योंकि इस मार्ग पर यात्रा का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के जरिए तय किया जाता है।
- बुनियादी ढांचा: उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे की तुलना में इस मार्ग पर बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक बेहतर हैं, जिससे बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को काफी सहूलियत होती है।
कड़े स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मिली अनुमति
समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई (High Altitude) पर होने के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इसी वजह से दिल्ली में सभी तीर्थयात्रियों का कई चरणों में कड़ा मेडिकल और फिटनेस टेस्ट (Forced Health Check-up) किया गया। केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी गई है जो पूरी तरह से स्वस्थ और उच्च रक्तचाप या दिल से जुड़ी बीमारियों से मुक्त हैं।
यात्रा को लेकर विशेष गाइडलाइंस
सुरक्षा और बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। तीर्थयात्रियों को अपने साथ आवश्यक दवाएं, गर्म कपड़े और ऑक्सीजन सिलेंडर रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों और भारतीय नोडल अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाने वाली इस यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सिक्किम सरकार और केंद्र सरकार ने सुरक्षा, आवास और भोजन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।


