मुंबई में बारिश और IMD के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी राहत नहीं; झीलों का जलस्तर मात्र 8.07% पर अटका, जल संकट बरकरार
No relief in Mumbai despite rain and the IMD's 'orange alert'; lake water levels remain stuck at just 8.07%, and the water crisis persists.
मुंबई में नई बारिश और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ऑरेंज अलर्ट के बावजूद, शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर केवल 8.07 प्रतिशत पर ही अटका हुआ है। मानसून की बेरुखी और जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में भारी बारिश न होने के कारण जल संकट का खतरा जस का तस बना हुआ है, जिसके चलते बीएमसी (BMC) आरक्षित कोटे के पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर है।
मुंबई: मुंबईकरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए शहर में मॉनसून की नई बौछारें जरूर शुरू हो गई हैं और मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया है, लेकिन शहर के जल संकट को लेकर अभी भी कोई अच्छी खबर नहीं है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का कुल उपयोगी जल भंडार (Useful Water Stock) वर्तमान में क्षमता का केवल 8.07 प्रतिशत ही बचा है।
कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्रों) में उम्मीद के मुताबिक मूसलाधार बारिश न होने के कारण झीलों के जलस्तर में कोई खास बढ़ोतरी दर्ज नहीं की जा सकी है, जिससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ऑरेंज अलर्ट के बाद भी मानसून कमजोर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके आसपास के जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन झीलों वाले पहाड़ी इलाकों में लगातार और भारी बारिश (Heavy Downpour) गायब है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की प्रणाली अभी भी उतनी मजबूत नहीं हो पाई है जितनी जून के उत्तरार्ध में होनी चाहिए।
झीलों की वर्तमान स्थिति (8.07% उपयोगी स्टॉक)
मुंबई को प्रतिदिन लगभग 3,850 मिलियन लीटर (MLD) पानी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए शहर सात झीलों—मोदक सागर, तानसा, विहार, तुलसी, मध्य वैतरणा, अपर वैतरणा और भातसा पर निर्भर है।
- वर्तमान में इन झीलों में केवल 1.16 लाख मिलियन लीटर के करीब उपयोगी पानी बचा है।
- पिछले साल इसी अवधि में झीलों में 10% से अधिक पानी का स्टॉक उपलब्ध था।
बीएमसी की आरक्षित (Reserve) पानी पर निर्भरता
झीलों का लाइव स्टॉक तेजी से खत्म होने के कारण बीएमसी पहले से ही राज्य सरकार द्वारा मंजूर किए गए अपर वैतरणा और भातसा बांधों के 'आरक्षित स्टॉक' (Reserve Stock) का इस्तेमाल कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि वर्तमान में लागू 10 प्रतिशत पानी की कटौती तब तक वापस नहीं ली जाएगी जब तक कि झीलों का जलस्तर संतोषजनक स्तर (कम से कम 20-25%) तक नहीं पहुंच जाता।
नागरिकों से सहयोग की अपील
बीएमसी के जल आपूर्ति विभाग ने मुंबई के नागरिकों, हाउसिंग सोसायटियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक बार फिर पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि हमारे पास अगस्त तक के लिए आरक्षित पानी का बैकअप मौजूद है, लेकिन मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए पानी की हर एक बूंद को बचाना बेहद जरूरी है।


