सांगली-सतारा MLC चुनाव में भाजपा की बंपर जीत: धैर्यशील कदम ने शरद पवार गुट के उम्मीदवार को दी करारी शिकस्त
BJP's landslide victory in Sangli-Satara MLC election: Dhairyasheel Kadam hands a crushing defeat to the Sharad Pawar faction's candidate.
महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के सांगली-सतारा स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार धैर्यशील कदम ने एकतरफा और बड़ी जीत दर्ज की है। इस कांटे के मुकाबले में उन्होंने शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (NCP-SP) समर्थित महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार संजीवराजे नाइक निंबालकर को करारी शिकस्त दी, जो पश्चिमी महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
सांगली/सतारा: महाराष्ट्र विधान परिषद की सांगली-सतारा स्थानीय प्राधिकारी सीट पर हुए बेहद प्रतिष्ठित और दिलचस्प चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार धैर्यशील कदम (Dhairyashil Kadam) ने शानदार जीत हासिल की है। महायुति की इस प्रचंड जीत के साथ ही शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (NCP-SP) और महाविकास अघाड़ी (MVA) को पश्चिमी महाराष्ट्र के इस गढ़ में एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।
इस सीट पर धैर्यशील कदम का सीधा मुकाबला महाविकास अघाड़ी के संजीवराजे नाइक निंबालकर (Sanjivraje Naik Nimbalkar) से था, जिन्हें शिकस्त देकर कदम ने अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाया है।
पश्चिमी महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर
सांगली और सतारा जिलों को पारंपरिक रूप से कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में स्थानीय स्वशासी निकायों (नगर पालिकाओं, जिला परिषदों और पंचायत समितियों) के जन प्रतिनिधियों के वोटों के दम पर भाजपा उम्मीदवार की यह जीत महायुति के लिए संजीवनी की तरह है।
चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद धैर्यशील कदम के समर्थकों ने सांगली और सतारा दोनों जिलों में गुलाल उड़ाकर और आतिशबाजी कर अपनी जीत का जश्न मनाया।
महायुति के शीर्ष नेतृत्व ने दी बधाई
धैर्यशील कदम की इस बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने उन्हें बधाई दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह जीत दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर महायुति का समन्वय बेहद मजबूत है और सभी घटक दलों ने एकजुट होकर पार्टी उम्मीदवार के लिए मतदान किया।
दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी के भीतर इस हार को लेकर अब आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि संजीवराजे नाइक निंबालकर को जिताने के लिए शरद पवार गुट सहित कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी पूरी ताकत झोंक दी थी। आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मिली यह जीत भाजपा और महायुति के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने वाली साबित होगी।


