'उनकी निष्ठा और प्रतिष्ठा बिकाऊ है', बागी सांसदों पर आदित्य ठाकरे का तीखा हमला, लालच को विचारधारा से ऊपर रखने का लगाया आरोप
"Their loyalty and reputation are for sale"—Aditya Thackeray's scathing attack on rebel MPs; accuses them of placing greed above ideology.
शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों के बीच बागी सांसदों को 'बिकाऊ' (For Sale) करार देते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपनी विचारधारा और प्रतिबद्धताओं से ऊपर व्यक्तिगत लालच को तरजीह दी है। 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों के बाद ठाकरे ने एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से भारी उथल-पुथल मची हुई है। 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलों के बीच विधायक आदित्य ठाकरे ने बागियों पर जोरदार निशाना साधा है। आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों को 'बिकाऊ' (For Sale) बताते हुए उन पर अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं और विचारधारा से ऊपर व्यक्तिगत लालच को तरजीह देने का आरोप लगाया है।
'जनता के जनादेश और गठबंधन को दिया धोखा'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक लंबी पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को 2024 के लोकसभा चुनावों में महाविकास अघाड़ी (MVA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के समर्थन से चुना गया था, लेकिन इन्होंने अपने लालच में उस विचारधारा को ही छोड़ दिया जिसका वे प्रतिनिधित्व करते थे।
ठाकरे ने अपनी पोस्ट में लिखा, "दलबदल करने वाले लालची सांसदों ने यह साबित कर दिया है कि उनकी निष्ठा और उनकी प्रतिष्ठा बेशर्मी से बिकाऊ है।" उन्होंने आगे कहा कि जिन मतदाताओं ने एनडीए (NDA) उम्मीदवारों के खिलाफ वोट दिया था, उनके जनादेश के साथ इन सांसदों ने रातों-रात विश्वासघात किया है और अपनी प्रतिष्ठा व परिवार के नाम को दांव पर लगा दिया है।
6 सांसदों ने बनाई है बैठक से दूरी
यह राजनीतिक विवाद तब और गहरा गया जब गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के 9 में से केवल 3 लोकसभा सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे) ही शामिल हुए।
जिन छह सांसदों की अनुपस्थिति ने नए विभाजन की अटकलों को हवा दी है, उनके नाम हैं:
- संजय दीना पाटिल
- संजय देशमुख
- संजय जाधव
- ओमप्रकाश राजेनिंबालकर
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- नागेश आष्टीकर
पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
इन बागी तेवरों को देखते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुख्य सचेतक (Chief Whip) अनिल देसाई के माध्यम से इन सभी अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में सांसदों से 24 घंटे के भीतर अपनी अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं आता है, तो इसे पार्टी की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग माना जाएगा और संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य ठाकरे ने इस पूरे घटनाक्रम को 'गंदी राजनीति का विदारक उदाहरण' करार दिया है। पार्टी के नेता संजय राउत ने भी दावा किया है कि बागी सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' आगे क्या गुल खिलाता है।


