पुणे : महाराष्ट्र में UCC नियमों के लिए 7 सदस्यीय समिति गठित

Pune: 7-member committee formed to draft UCC rules in Maharashtra

 पुणे : महाराष्ट्र में UCC नियमों के लिए 7 सदस्यीय समिति गठित

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के नियम बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की घोषणा की। इस कमेटी में कुल सात सदस्य होंगे, जिनमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के तीन पूर्व जज, एक संवैधानिक विशेषज्ञ, एक पूर्व नौकरशाह और सामाजिक क्षेत्र से दो सदस्य शामिल होंगे। 

पुणे : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के नियम बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की घोषणा की। इस कमेटी में कुल सात सदस्य होंगे, जिनमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के तीन पूर्व जज, एक संवैधानिक विशेषज्ञ, एक पूर्व नौकरशाह और सामाजिक क्षेत्र से दो सदस्य शामिल होंगे। 

 

Read More महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महायुति में सीट बंटवारा तय, BJP 11, शिवसेना 4 और NCP 2 सीटों पर लड़ेगी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने आज महाराष्ट्र विधानसभा में यह घोषणा की। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस आरसी चव्हाण, हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस एसजी मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डीके जैन, महाराष्ट्र के पूर्व एडवोकेट जनरल वीरेंद्र सराफ, सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री रमेश पतंगे और शिक्षाविद सुवर्णा रावल मुख्य सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सात सदस्यों वाली यह कमेटी यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़े सभी कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेगी और अगले छह महीनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट फाइनल करेगी।

Read More महाराष्ट्र: कॉलेज एडमिशन फॉर्म में “सिंगल पेरेंट चाइल्ड” कैटेगरी जोड़ने पर विचार

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागपुर में होने वाले आगामी शीतकालीन सत्र में विधानसभा और विधान परिषद दोनों में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पेश करने और उसे पास कराने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सभी जरूरी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे बढ़ेगी, ताकि राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकें। इससे पहले पिछले हफ्ते, महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी, जो भारत में पर्सनल लॉ और कानूनी एकरूपता पर चल रही बहस में एक अहम घटनाक्रम है।
इस मुद्दे पर बोलते हुए फडणवीस ने कानून लाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का विचार संविधान में शामिल 'राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों' (Directive Principles of State Policy) से समर्थन पाता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि एक समान नागरिक ढांचा शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में समानता और एकरूपता के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखेगा।

Read More "मेरा शपथ ग्रहण तय था, लेकिन समय कम था" समीर भुजबल का बड़ा खुलासा

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पूरे देश में UCC पर चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। आज़ादी के बाद उत्तराखंड 'यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड' (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बना। उम्मीद है कि महाराष्ट्र अपना ड्राफ़्ट तैयार करते समय उत्तराखंड के अनुभव का बारीकी से अध्ययन करेगा। वहीं, मई में असम ने अपना UCC बिल पास किया। इसका मकसद धर्म से परे शादी, तलाक़, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक ही सिविल कानूनी ढांचा बनाना है।

Read More मुंबई: एमएसआरटीसी का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम