पुणे में बड़ा हादसा: पिंपरी-चिंचवड़ में इमारत ढही, PCMC वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट साइट पर 15-20 मजदूरों के दबे होने की आशंका
Major accident in Pune: Building collapses in Pimpri-Chinchwad; 15-20 laborers feared trapped at PCMC waste-to-energy project site.
- घटना: पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में PCMC के वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट साइट पर एक निर्माणाधीन इमारत/ढांचा ढह गया।
- संभावित हताहत: मलबे के नीचे लगभग 15 से 20 निर्माण मजदूरों के फंसे होने की आशंका है।
- बचाव अभियान: दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें क्रेन और पोकलेन मशीनों की मदद से मलबे को हटाने में जुटी हैं।
- प्रशासनिक प्रतिक्रिया: घायलों के त्वरित इलाज के लिए मौके पर एम्बुलेंस तैनात हैं और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
पुणे/पिंपरी-चिंचवड़: पुणे के औद्योगिक जुड़वां शहर पिंपरी-चिंचवड़ से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के 'वेस्ट-टू-एनर्जी' (कचरे से बिजली बनाने वाले) प्रोजेक्ट साइट पर एक निर्माणाधीन इमारत का ढांचा अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। इस भीषण हादसे में साइट पर काम कर रहे करीब 15 से 20 मजदूरों के मलबे के नीचे दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग (Fire Brigade) की कई गाड़ियां और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर भारी संख्या में क्रेन और पोकलेन मशीनें बुलाई गई हैं ताकि भारी कंक्रीट के स्लैब और मलबे को तेजी से हटाया जा सके। मौके पर कई एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम को भी तैनात किया गया है, ताकि मलबे से निकाले जाने वाले घायलों को बिना वक्त गंवाए नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया जा सके।
चश्मदीदों के मुताबिक: "हादसा बेहद अचानक हुआ। मजदूर रोज की तरह साइट पर काम कर रहे थे कि तभी एक जोरदार आवाज के साथ निर्माणाधीन ढांचा नीचे आ गिरा। कई मजदूरों को भागने तक का मौका नहीं मिला।"
यह वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट PCMC की एक बेहद महत्वाकांक्षी और बड़ी परियोजना है, जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा था। हादसे की खबर मिलते ही नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमला भी स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्य की निगरानी करने के लिए मौके पर पहुंच रहा है। फिलहाल मलबे के नीचे फंसे लोगों की सटीक संख्या और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, क्योंकि बचाव अभियान अभी शुरुआती दौर में है।


