जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश: अनशन के 8वें दिन सोनम वांगचुक का 6 किलो वजन घटा, सेहत बिगड़ी

CJP's protest at Jantar Mantar enters its 16th day; Sonam Wangchuk loses 6 kg and his health deteriorates on the 8th day of his fast.

जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश: अनशन के 8वें दिन सोनम वांगचुक का 6 किलो वजन घटा, सेहत बिगड़ी

  • आंदोलन का कारण: NEET-UG (जिसकी 3 मई की परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को री-टेस्ट हुआ था) और अन्य परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का गुस्सा।
  • मुख्य मांगें: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही।
  • सोनम वांगचुक की स्थिति: अनशन का 8वां दिन पूरा; वजन में 6 किलो की गिरावट; ब्लड शुगर 67 mg/dL तक गिरा; मांगें पूरी होने तक उपवास जारी रखने का संकल्प।
  • आगामी घटनाक्रम: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का प्रतिनिधिमंडल 7 जुलाई को आंदोलन में शामिल होगा; CJP संस्थापक अभिजीत दिपके महाराष्ट्र में भी छात्र प्रदर्शनों की अगुवाई करेंगे।

नई दिल्ली: नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित धांधली व पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन रविवार (5 जुलाई 2026) को 16वें दिन में प्रवेश कर गया। छात्रों और युवाओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के भी 8 दिन पूरे हो चुके हैं। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है और उनका वजन करीब 6 किलोग्राम तक गिर गया है।

मेडिकल बुलेटिन और स्वास्थ्य को लेकर चिंता

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डॉक्टरों द्वारा जारी किए गए ताजा हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, नमक और पानी पर रह रहे सोनम वांगचुक का वजन घटकर 60.95 किलोग्राम हो गया है। लेटने की स्थिति में उनका ब्लड प्रेशर (BP) 112/70 mm Hg और हार्ट रेट 72 बीट्स प्रति मिनट दर्ज की गई है। हालांकि, सबसे बड़ी चिंता उनके गिरते ब्लड शुगर लेवल को लेकर है, जो घटकर 67 mg/dL पर आ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन शरीर में कमजोरी साफ देखी जा सकती है।

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पीएम मोदी को खुला पत्र और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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सीजेपी (CJP) और आंदोलनकारी छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के 15वें दिन संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक दो पन्नों का खुला पत्र भी भेजा था।

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​CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं:

​"हम पिछले 15-16 दिनों से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सोनम वांगचुक भूखे हैं। सरकार आखिर कब तक हमारे छात्रों और युवाओं की आवाज को अनसुना करेगी? धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने में इतनी देरी क्यों हो रही है?"

 

आंदोलन को मिल रहा देशव्यापी समर्थन

रविवार को प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। वांगचुक के मुताबिक, एकजुटता दिखाने के लिए लगभग 7,000 लोग रैली में शामिल हुए। इस दौरान कथित तौर पर पेपर लीक से आहत होकर जान गंवाने वाली नीट (NEET) अभ्यर्थी रिया कुमारी थापा के माता-पिता भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे। उनके सैनिक पृष्ठभूमि वाले पिता ने भावुक अपील करते हुए कहा कि जो नुकसान उनके परिवार ने झेला है, वह किसी और को न झेलना पड़े।

​इस बीच, वामपंथी छात्र संगठन 'आईसा' (AISA) के कई छात्र भी अलग मंच पर भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन को व्यापक रूप देते हुए संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी छात्रों के प्रति एकजुटता जताई है और उनका एक प्रतिनिधिमंडल 7 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचेगा।

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