गोरखपुर : फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

Gorakhpur: Three accused of defrauding crores of rupees in the name of franchise arrested from Mumbai

गोरखपुर : फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

एफ बार बॉय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ला रही है, जहां पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाला शीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, आपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा शामिल हैं।

गोरखपुर : ‘एफ बार बॉय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ला रही है, जहां पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाला शीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, आपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा शामिल हैं।

 

Read More मुंबई: बिल्डर पर फायरिंग के पीछे संपत्ति विवाद; दो आरोपी गिरफ्तार

इससे पहले इस मामले में बेतियाहाता निवासी वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश जारी है। मामले की शिकायत रामगढ़ताल क्षेत्र की जूही सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी।
जूही सिंह ‘पार्क हॉस्पिटैलिटी’ नाम से फर्म संचालित करती हैं। आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी से जुड़ा बताकर कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया।

Read More मुंबई:  87 वर्षीय सेवानिवृत्त सिविक डॉक्टर 16.14 लाख रुपये की ठगी का शिकार

झांसे में आकर जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने अलग-अलग किश्तों में करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपियों को दे दिए। यह रकम फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई थी।

Read More मुंबई : पुलिस ऑफिसर अश्विनी बिद्रे हत्याकांड मामले में पनवेल सेशन कोर्ट की ओर से 9 साल बाद सजा

बाद में जब कोई काम शुरू नहीं हुआ और न ही वैध अनुबंध सामने आया, तो पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। फैशन टीवी कंपनी से संपर्क करने पर पता चला कि इस तरह का कोई अनुबंध ही नहीं किया गया था। जांच में एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।

Read More मुंबई: आरोपी से दो देसी आग्नेयास्त्र और आठ जिंदा कारतूस जब्त

मुंबई में बुलाकर ऑफिस दिखा करते थे फर्जी डील
जांच में सामने आया कि आरोपी देशभर के महत्वाकांक्षी कारोबारियों को निशाना बनाते थे। उन्हें फैशन टीवी ब्रांड के तहत बार, लाउंज, कैफे या सैलून खोलने का सपना दिखाया जाता था। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित कथित ऑफिस में बुलाया जाता था, जहां उन्हें भरोसा दिलाकर 12.50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे। आरोपियों द्वारा तैयार किए गए एग्रीमेंट पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर पीड़ितों को थमा दिए जाते थे। रकम लेने के लिए आरोपियों ने एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक आफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखाओं में खाते खोल रखे थे, जिसमें रुपये ट्रांसफर कराया जाता था।

देशभर में दर्ज हैं कई मुकदमे
मुख्य आरोपित कशीफ खान उर्फ काशीफ सरदार के विरुद्ध लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बड़ोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर समेत कई शहरों में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था, जिसमें अलग-अलग भूमिकाओं में लोग जुड़े थे। कोई खुद को निदेशक बताता था, कोई आपरेशन संभालता था और कोई वित्तीय लेन-देन।

वैभव से पूछताछ में मिले सुराग
वैभव मणि त्रिपाठी से पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर रामगढ़ताल पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और एक अप्रैल को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया जा रहा है।

पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और ठगी के पैटर्न का पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।

18 दिसंबर को रामगढ़ताल थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
रामगढ़ताल थाना पुलिस ने 18 दिसंबर 2025 को रामगढ़ताल थाने में वैभव मणि त्रिपाठी,कुरुणेश प्रताप शाही,अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनोडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनोडिया व नरेंद्र त्रिपाठी के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करके एक करोड़ रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर पुलिस ने वैभव मणि को जेल भेज दिया।