मुंबई : कुर्ला बेस्ट बस हादसे के बाद बड़ा फैसला
Mumbai: Big decision after Kurla BEST bus accident
दिसंबर 2024 में मुंबई के कुर्ला वेस्ट में हुए जानलेवा बेस्ट बस हादसे के मामले में ट्रांसपोर्ट विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्राइवर संजय मोरे का हेवी व्हीकल (ट्रांसपोर्ट) ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। हालांकि, उनके लाइट मोटर व्हीकल और दोपहिया वाहन चलाने का लाइसेंस अभी वैध रहेगा।
मुंबई : दिसंबर 2024 में मुंबई के कुर्ला वेस्ट में हुए जानलेवा बेस्ट बस हादसे के मामले में ट्रांसपोर्ट विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्राइवर संजय मोरे का हेवी व्हीकल (ट्रांसपोर्ट) ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया है। हालांकि, उनके लाइट मोटर व्हीकल और दोपहिया वाहन चलाने का लाइसेंस अभी वैध रहेगा। यह फैसला उस गंभीर सड़क दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद आया है, जिसमें 9 दिसंबर 2024 को कुर्ला वेस्ट इलाके में संजय मोरे द्वारा चलाई जा रही बेस्ट बस ने पैदल यात्रियों और कई वाहनों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया था और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
स दुर्घटना के बाद प्रशासन और परिवहन विभाग पर ड्राइवरों की स्क्रीनिंग, प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठे थे। विशेषज्ञों ने भी कहा था कि ऐसे बड़े वाहनों के संचालन में अधिक सख्त नियम और नियमित जांच की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मामले की कानूनी प्रक्रिया भी अब तक जारी है। हालांकि संजय मोरे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 30 मार्च 2026 को जमानत दे दी थी, लेकिन उनके खिलाफ आपराधिक मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
ट्रांसपोर्ट विभाग के इस फैसले को सड़क सुरक्षा के लिहाज से एक सख्त कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भारी वाहन चलाने का लाइसेंस रद्द करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से बड़े हादसे न हों। इस घटना ने मुंबई में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छेड़ दी है। यात्री सुरक्षा, ड्राइवर प्रशिक्षण और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की मांग लगातार उठ रही है। बेस्ट कॉर्पोरेशन की बस सेवाओं से जुड़े इस हादसे को शहर के सबसे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है। प्रशासन अब इस मामले से सबक लेते हुए सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहा है।


