कोंकण में हार के बाद कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, ठाणे-रायगढ़-वसई विरार में नए चेहरे नियुक्त
Congress Reshuffles Konkan Leadership After Major Electoral Losses In Thane, Raigad And Vasai-Virar Ahead Of Future Civic Battles
कांग्रेस ने ठाणे, रायगढ़ और वसई-विरार में बड़े संगठनात्मक बदलाव करते हुए नए अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। पार्टी लगातार चुनावी हार के बाद जमीनी स्तर पर खुद को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
Indian National Congress ने कोंकण क्षेत्र में लगातार चुनावी झटकों और पार्टी के भीतर बढ़ती निष्क्रियता के बाद बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने ठाणे, रायगढ़ और वसई-विरार इकाइयों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति कर नेतृत्व को पूरी तरह रीसेट करने की कोशिश शुरू की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाणे महानगर कांग्रेस की जिम्मेदारी अब राहुल पिंगले को सौंपी गई है। यह बदलाव पूर्व शहर अध्यक्ष एडवोकेट विक्रांत चव्हाण के इस्तीफे के बाद किया गया। हाल के चुनावों में कांग्रेस ठाणे महानगरपालिका में एक भी सीट जीतने में विफल रही थी, जिससे संगठन पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
रायगढ़ जिले में जिला परिषद सदस्य डॉ. मनीष पाटिल को उत्तर रायगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और आक्रामक नेतृत्व से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी।
वहीं वसई-विरार शहर कांग्रेस की कमान कैप्टन निलेश पेंढारी को दी गई है। वह दिवंगत कांग्रेस नेता अशोक पेंढारी के बेटे हैं और पहले भी संगठनात्मक स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पार्टी उन्हें युवा और रणनीतिक नेतृत्व के रूप में पेश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, कोंकण और मुंबई महानगर क्षेत्र में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। हालिया BMC और अन्य महानगरपालिका चुनावों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। मुंबई में कांग्रेस का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा कि पार्टी की सीटें ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर तक पहुंच गईं।
पार्टी के भीतर कई महीनों से गुटबाजी, नेतृत्व संकट और टिकट वितरण को लेकर असंतोष की खबरें भी सामने आती रही हैं। BMC चुनावों के दौरान कुछ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर अल्पसंख्यक समुदायों की अनदेखी करने तक के आरोप लगाए थे।
नई नियुक्तियों के बाद कांग्रेस नेतृत्व अब स्थानीय मुद्दों जैसे नागरिक सुविधाएं, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा पर आक्रामक राजनीति करने की तैयारी में है। पार्टी आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले संगठन को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति में फिलहाल भाजपा, Eknath Shinde गुट और अन्य क्षेत्रीय दलों का प्रभाव बढ़ा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए कोंकण क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन बचाना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।


