20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा आंदोलन; मुंबई FDA अलर्ट पर

Nationwide Chemist Shutdown On May 20 Against Online Pharmacies May Disrupt Medicine Supply; Mumbai FDA Activates Emergency Measures

20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद, ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा आंदोलन; मुंबई FDA अलर्ट पर

20 मई को ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में देशभर के मेडिकल स्टोर्स बंद रह सकते हैं। मुंबई FDA ने दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम और विशेष व्यवस्था की है।

देशभर में 20 मई को मेडिकल स्टोर्स बंद रहने की संभावना है। All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) ने ऑनलाइन फार्मेसी और भारी डिस्काउंटिंग के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बंद का असर मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) समेत देश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 7,000 से 8,000 मेडिकल स्टोर्स बंद रह सकते हैं। वहीं देशभर में करीब 12.5 लाख केमिस्ट इस आंदोलन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। 

केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर छोटे मेडिकल स्टोर कारोबारियों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट नियामक ढांचे के ऑनलाइन दवा बिक्री से नकली दवाओं, डेटा सुरक्षा और मरीजों की सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। 

Maharashtra State Chemists and Druggists Association (MSCDA) के महासचिव अनिल नवनदार ने कहा कि ग्राहक कम कीमत और सुविधा के कारण तेजी से ऑनलाइन दवाइयां खरीद रहे हैं, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां ड्राफ्ट नोटिफिकेशन का गलत इस्तेमाल कर रही हैं, जबकि इस क्षेत्र के लिए अब तक स्पष्ट कानून लागू नहीं हुआ है। 

स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) अलर्ट मोड पर आ गया है। मुंबई FDA ने अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर्स, 24 घंटे खुले रहने वाले फार्मेसी आउटलेट्स और कुछ चुनिंदा मेडिकल दुकानों के जरिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने की तैयारी की है। 

FDA ने मुंबई में विभिन्न क्षेत्रों के लिए कंट्रोल रूम और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की है ताकि मरीजों को दवाइयों की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने लोगों से घबराकर दवाइयों की अनावश्यक खरीदारी न करने की अपील की है। 

केमिस्ट संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशानी देना नहीं है। संगठन का कहना है कि कुछ मेडिकल स्टोर्स आपातकालीन मरीजों के लिए खुले रहेंगे ताकि जरूरी दवाएं उपलब्ध हो सकें। 

दूसरी ओर, उपभोक्ता संगठनों ने इस बंद की आलोचना की है। मुंबई ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि बंद के कारण मरीजों को नुकसान होता है तो संबंधित संगठनों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। 

केमिस्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जा सकता है, यहां तक कि अनिश्चितकालीन बंद भी किया जा सकता है।