‘यह भारत के खिलाफ नहीं’ — अमेरिकी ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान

US Secretary Marco Rubio Clarifies New Green Card Rules Are Part Of Immigration Reform And Not Targeted At India

‘यह भारत के खिलाफ नहीं’ — अमेरिकी ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव पर मार्को रुबियो का बड़ा बयान

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि नए ग्रीन कार्ड नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं। बदलावों का उद्देश्य अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार करना है।

अमेरिका में इमिग्रेशन सिस्टम में बड़े बदलावों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने नए ग्रीन कार्ड नियमों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यह बदलाव किसी एक देश, खासकर भारत, को निशाना बनाकर नहीं किए जा रहे हैं। 


रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में ग्रीन कार्ड और रोजगार आधारित वीज़ा प्रक्रिया में कई नए बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य इमिग्रेशन सिस्टम को “मेरिट आधारित” बनाना और बैकलॉग कम करना बताया जा रहा है। हालांकि भारतीय समुदाय और टेक प्रोफेशनल्स के बीच इन नियमों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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Marco Rubio ने कहा कि अमेरिकी सरकार का मकसद किसी विशेष देश के नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने कहा, “यह भारत के बारे में नहीं है। यह अमेरिका की इमिग्रेशन प्रणाली को बेहतर और संतुलित बनाने का प्रयास है।” 

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जानकारों के मुताबिक, भारतीय IT प्रोफेशनल्स और H-1B वीजा धारकों पर इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है, क्योंकि रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड बैकलॉग में भारतीय नागरिकों की संख्या काफी अधिक है। कई भारतीय परिवार वर्षों से स्थायी निवास (Permanent Residency) का इंतजार कर रहे हैं। 

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अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य कुशल श्रमिकों को प्राथमिकता देना, फर्जी आवेदन रोकना और लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करना है। हालांकि आलोचकों का आरोप है कि इन बदलावों से विदेशी कर्मचारियों, खासकर एशियाई देशों के प्रोफेशनल्स, के लिए प्रक्रिया और कठिन हो सकती है। 

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भारत और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी, शिक्षा और रोजगार को लेकर मजबूत संबंध रहे हैं। हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और प्रोफेशनल्स अमेरिका जाते हैं। ऐसे में ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव को भारत में भी करीब से देखा जा रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नए नियम लागू होते हैं तो भारतीय IT सेक्टर, स्टार्टअप कर्मचारियों और अमेरिका में लंबे समय से रह रहे H-1B वीजा धारकों पर सीधा असर पड़ सकता है। कई कंपनियां भी नई नीति का अध्ययन कर रही हैं।


फिलहाल अमेरिकी सरकार ने अंतिम नियमों की विस्तृत अधिसूचना जारी नहीं की है। लेकिन Marco Rubio के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि वॉशिंगटन इन बदलावों को व्यापक इमिग्रेशन सुधार के तौर पर पेश करना चाहता है, न कि किसी देश विशेष के खिलाफ कदम के रूप में। 

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