जंतर-मंतर पर पत्रकारों पर हमला: मुंबई प्रेस क्लब ने की कड़ी निंदा, स्वतंत्र जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
Attack on journalists at Jantar Mantar: Mumbai Press Club strongly condemns, demands independent investigation and strict action
मुंबई प्रेस क्लब ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए संगठन ने घटना की स्वतंत्र जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए कथित हमलों और दुर्व्यवहार की देश के कई मीडिया संगठनों ने कड़ी निंदा की है। 'मुंबई प्रेस क्लब' ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे "लोकतंत्र पर सीधा हमला" करार दिया है और मामले की स्वतंत्र जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई प्रेस क्लब का कड़ा रुख
प्रेस क्लब की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जब पत्रकार अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनता तक खबरें पहुँचा रहे होते हैं, तब उन्हें निशाना बनाना अस्वीकार्य है। संगठन ने कहा कि इस तरह की हिंसा मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने का एक गंभीर प्रयास है। प्रेस क्लब ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और ड्यूटी के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
घटना की पृष्ठभूमि
यह घटना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शनों (विशेषकर सीजेपी के संसद मार्च और सोनम वांगचुक से जुड़े आंदोलनों) की कवरेज के दौरान सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ मीडियाकर्मियों के साथ कथित तौर पर हाथापाई की गई और उनके उपकरणों को नुकसान पहुँचाया गया, जिससे पत्रकारों के बीच भारी रोष व्याप्त है।
प्रेस संगठनों की मांगें
- स्वतंत्र जांच: मीडिया संगठनों ने जंतर-मंतर पर कवरेज कर रहे पत्रकारों पर हुए हमलों की एक निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक या प्रशासनिक जांच की मांग की है।
- सुरक्षा की गारंटी: पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर कड़े निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
- दोषियों पर कार्रवाई: वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।


