बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: राज्य भर के पुलिस स्टेशनों में CCTV सिस्टम की समीक्षा का निर्देश

Bombay High Court orders review of CCTV systems in police stations across the state

बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा आदेश: राज्य भर के पुलिस स्टेशनों में CCTV सिस्टम की समीक्षा का निर्देश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों में CCTV सिस्टम की तत्काल समीक्षा और ऑडिट करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी फुटेज का भंडारण (storage) कम से कम 18 महीने तक सुनिश्चित किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार को राज्य भर के सभी पुलिस स्टेशनों में लगे CCTV कैमरों और रिकॉर्डिंग सिस्टम की व्यापक समीक्षा करने का आदेश दिया है। अदालत का यह निर्देश पुलिस स्टेशनों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और हिरासत में होने वाली ज्यादतियों को रोकने के उद्देश्य से आया है।

अदालत के आदेश के प्रमुख बिंदु:

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  • व्यापक ऑडिट: कोर्ट ने राज्य के गृह विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हर पुलिस स्टेशन में लगे CCTV कैमरे पूरी तरह कार्यात्मक (functional) हों और वे उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग में सक्षम हों।
  • डेटा स्टोरेज और सुरक्षा: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कैमरों द्वारा रिकॉर्ड की गई फुटेज को कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर साक्ष्य के रूप में इसका उपयोग किया जा सके।
  • निगरानी और जवाबदेही: हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन को एक ऐसी निगरानी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पुलिस स्टेशन में रिकॉर्डिंग बंद न हो और किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जाए।
  • समयबद्ध अनुपालन: राज्य सरकार को इन निर्देशों के अनुपालन और मौजूदा व्यवस्था की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने को कहा गया है।

पृष्ठभूमि:

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यह आदेश पुलिस हिरासत में मानवाधिकारों के उल्लंघन और कथित प्रताड़ना की घटनाओं के बाद आया है। अदालत का मानना है कि पुलिस स्टेशनों में CCTV का प्रभावी होना न केवल आरोपियों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि पुलिस के खिलाफ लगने वाले झूठे आरोपों से बचने में भी मदद करता है।

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​यह न्यायिक हस्तक्षेप महाराष्ट्र में पुलिसिंग सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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