मुंबई लोकल का एसी खराब होने के बाद भट्टी बना ट्रेन का डिब्बा, दम घुटने से कई यात्री बेहोश
After the AC of Mumbai local train broke down, the train compartment turned into a furnace, many passengers fainted due to suffocation.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल का डिब्बा उस वक्त गर्म भट्टी में तब्दील हो गया जब उसका एसी खराब हो गया। यात्रियों से खचाखच भरे इस डिब्बे में महिलाओं समेत कई लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। एक यात्री को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और आखिर में ट्रेन को मुलुंड और कुर्ला के बीच लगभग 15 किलोमीटर तक दरवाजे खोलकर चलाया गया ताकि हवा आ-जा सके।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल का डिब्बा उस वक्त गर्म भट्टी में तब्दील हो गया जब उसका एसी खराब हो गया। यात्रियों से खचाखच भरे इस डिब्बे में महिलाओं समेत कई लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। एक यात्री को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और आखिर में ट्रेन को मुलुंड और कुर्ला के बीच लगभग 15 किलोमीटर तक दरवाजे खोलकर चलाया गया ताकि हवा आ-जा सके।
रेलवे ने क्या कहा?
सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, "आज सुबह 8:33 बजे टिटवाला से सीएसएमटी जाने वाली ट्रेन में सफर के दौरान एसी खराब हो गया। यात्रियों की ओर से दम घुटने की शिकायत के बाद ट्रेन को मुलुंड स्टेशन पर रात 9:38 बजे से 9:54 बजे तक रोका गया। दो महिलाओं ने दम घुटने की शिकायत की और एक अन्य यात्री 43 वर्षीय फहीम अंसारी को तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके अलावा हवा के आवागमन के लिए मुलुंड और कुर्ला के बीच 15 किलोमीटर की दूरी तक ट्रेन को दोनों तरफ के दरवाजे खोलकर चलाना पड़ा।"
उन्होंने आगे कहा, "कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार और पानी दिया गया और वे अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए लेकिन अंसारी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उन्होंने मेडिकल मदद मांगी थी। उन्हें मुलुंड वेस्ट के एमटी अग्रवाल अस्पताल ले जाया गया और बाद में सुबह 11:30 बजे उन्हें छुट्टी दे दी गई।"
उन्होंने कहा कि सेंट्रल रेलवे ने इस बात की जांच के लिए एक इंक्वायरी बिठाई है कि एयर-कंडीशनिंग का लोड बगल वाली यूनिट ने क्यों नहीं उठाया, जबकि ऐसा ही होना चाहिए था। साथ ही ट्रेन में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण वहां मौजूद टेक्नीशियन एसी रीसेट स्विच तक नहीं पहुंच पाया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या कहा?
चश्मदीदों के मुताबिक, दीवा स्टेशन के बाद ट्रेन के कई डिब्बों में एसी ने काम करना बंद कर दिया, जिससे खचाखच भरी ट्रेन के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी और दम घुटने जैसी स्थिति बन गई। यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन पर 15 से ज्यादा बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी भी कॉल का जवाब नहीं मिला।
जब ट्रेन मुलुंड स्टेशन (सुबह लगभग 9:50 बजे) पहुंची तो हालात बहुत खराब हो चुके थे। यात्रियों ने मांग की कि ट्रेन को रोका जाए और आगे बढ़ने से पहले तकनीकी खराबी को ठीक किया जाए। उन्होंने डिब्बों में ताजी हवा आने देने के लिए दरवाजे भी खुले रखे क्योंकि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।


